वॉयस ऑफ बस्ती संवाददाता
संत कबीर नगर। मिशन शक्ति फेज-6 के तहत महुली पुलिस ने रविवार को ग्राम महुली में बाल विवाह और सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ जागरूकता अभियान चलाया। थानाध्यक्ष दुर्गेश पाण्डेय के नेतृत्व में आयोजित कार्यक्रम में महिलाओं और बालिकाओं को बाल विवाह के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक किया गया।
कार्यक्रम के दौरान लघु फिल्म के माध्यम से बाल विवाह से होने वाले सामाजिक, शैक्षणिक और व्यक्तिगत नुकसान को समझाया गया। पुलिस टीम ने बताया कि बाल विवाह बच्चों के बचपन और शिक्षा को प्रभावित करने के साथ उनके स्वास्थ्य, आत्मनिर्भरता और बेहतर भविष्य की राह में भी बाधा बनता है।
पुलिसकर्मियों ने बालिकाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि बचपन उनके सपनों की नींव है। उन्हें शिक्षा प्राप्त करने और अपने भविष्य को बेहतर बनाने का पूरा अवसर मिलना चाहिए। बाल विवाह जैसी कुरीतियों को रोकने के लिए परिवार और समाज की सामूहिक भागीदारी जरूरी है।
अभियान के दौरान महिलाओं और बालिकाओं को यह भी बताया गया कि किसी प्रकार के दबाव, उत्पीड़न या बाल विवाह की जानकारी मिलने पर पुलिस तथा संबंधित हेल्पलाइन की सहायता लेने में संकोच न करें। पुलिस ने जोर दिया कि बेटियों की सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित करना केवल परिवार ही नहीं, बल्कि पूरे समाज की जिम्मेदारी है।
महुली पुलिस ने संदेश दिया कि बेटियों के सपनों को आगे बढ़ने का अवसर दिया जाना चाहिए और बचपन को विवाह के बजाय शिक्षा एवं संस्कारों से संवारना चाहिए। पुलिस के अनुसार, मिशन शक्ति फेज-6 के तहत महिलाओं और बालिकाओं को सुरक्षित, सम्मानित एवं सशक्त बनाने तथा सामाजिक कुरीतियों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए अभियान लगातार जारी रहेगा।

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