बस्ती। नवाबी तहजीब और अदब के लिए मशहूर लखनऊ की चमक-दमक के पीछे छिपे अपराध, सामाजिक विरोधाभासों और मानवीय रिश्तों के अनकहे पहलुओं को बस्ती के लेखक गौरव कुमार निगम अपनी कहानियों में जीवंत रूप दे रहे हैं। लखनऊ में आयोजित राष्ट्रीय पुस्तक मेले में ‘कहानियां और करियर’ विषय पर आयोजित विशेष साहित्यिक संवाद में उन्होंने लेखन की चुनौतियों, अपराध-कथा साहित्य की संभावनाओं और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के दौर में लेखक की बदलती भूमिका पर अपने विचार साझा किए। इस दौरान उनके नवीनतम अपराध-कथा उपन्यास ‘स्कैंडल इन लखनऊ’ पर भी चर्चा हुई।
हर्रैया क्षेत्र से जुड़े लेखक एवं ब्रांड रणनीतिकार गौरव कुमार निगम ने अपनी लेखकीय यात्रा के अनुभव साझा करते हुए बताया कि उनका लेखन व्यापक पठन और साहित्यिक समझ का विस्तार है। उनकी कहानी ‘पतंग और पुरियां’ को उत्तर प्रदेश हिंदी संस्थान की ओर से पुरस्कृत किया जा चुका है। इस सम्मान ने उन्हें लेखन के प्रति और अधिक गंभीर होने की प्रेरणा दी। उन्होंने नए लेखकों के लिए निरंतर अभ्यास, अनुशासन और लेखन के प्रति प्रतिबद्धता को सफलता का महत्वपूर्ण आधार बताया। उनके अनुसार, किसी भी क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल करने के लिए अपनी रुचि को जीवन की प्राथमिकता बनाना जरूरी है।
उपन्यास ‘स्कैंडल इन लखनऊ’ पर चर्चा करते हुए निगम ने कहा कि लखनऊ की पहचान उसकी तहजीब, नफासत और सांस्कृतिक विरासत से है, लेकिन शहर का एक दूसरा पक्ष भी है। महत्वाकांक्षाएं, रिश्तों में तनाव, संघर्ष, अपराध और मानवीय कमजोरियां भी इसकी सामाजिक तस्वीर का हिस्सा हैं। इन्हीं विरोधाभासों के कारण लखनऊ अपराध-कथा लेखन के लिए एक समृद्ध परिवेश प्रस्तुत करता है।
संवाद के दौरान अपराध-कथा साहित्य को मुख्यधारा के साहित्य से अलग या कमतर मानने की धारणा पर भी चर्चा हुई। निगम ने अगाथा क्रिस्टी, सर आर्थर कॉनन डॉयल और देवकीनंदन खत्री जैसे रचनाकारों का उदाहरण देते हुए इस विधा की समृद्ध साहित्यिक परंपरा की ओर ध्यान आकर्षित किया। उन्होंने कहानी की रचना-प्रक्रिया, लेखकीय पहचान स्थापित करने और लेखन को करियर के रूप में विकसित करने की संभावनाओं पर भी अपने विचार रखे।
कृत्रिम बुद्धिमत्ता के बढ़ते प्रभाव के बीच लेखक की भूमिका, रचनात्मकता तथा कहानी और ब्रांड के बीच संबंध जैसे विषय भी चर्चा का हिस्सा रहे। कार्यक्रम की शुरुआत में राष्ट्रीय पुस्तक मेले के संस्थापक मनोज सिंह और लेखक राज वर्मा सहित अन्य लोगों ने गौरव कुमार निगम को पौधा भेंट कर सम्मानित किया। इस पहल के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया गया।


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