कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि विद्या भारती पूर्वी उत्तर प्रदेश क्षेत्र के सेवा संयोजक श्री योगेश जी ने ध्वजारोहण कर किया। इसके बाद राष्ट्रगान एवं जयघोष से विद्यालय परिसर गूंज उठा। वंदना की बहनों ने देशभक्ति गीत प्रस्तुत कर वातावरण को राष्ट्रभक्ति से ओतप्रोत कर दिया।
मुख्य अतिथि श्री योगेश जी ने कहा कि महापुरुषों की जयंती मनाने का उद्देश्य केवल उनके जीवन का स्मरण करना नहीं, बल्कि उनके आदर्शों एवं जीवन-मूल्यों को अपने व्यवहार में उतारना है। उन्होंने महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री के राष्ट्र के प्रति समर्पण को प्रेरणादायी बताया।
श्री देवेंद्र पाण्डेय जी ने महात्मा गांधी के जीवन एवं व्यक्तित्व पर प्रकाश डालते हुए उनके सत्याग्रह, साबरमती आश्रम, वर्धा आंदोलन और बुनियादी शिक्षा संबंधी विचारों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि गांधी जी का जीवन ‘सादा जीवन, उच्च विचार’ का प्रेरणादायी उदाहरण है।
श्री सदानंद यादव जी ने लाल बहादुर शास्त्री के जीवन और आदर्शों पर प्रकाश डालते हुए उन्हें सादगी, नैतिकता एवं कर्तव्यनिष्ठा का प्रतीक बताया। उन्होंने रेल मंत्री के रूप में रेल दुर्घटना के बाद नैतिक जिम्मेदारी स्वीकार करते हुए इस्तीफा देने के प्रसंग का उल्लेख किया।
कार्यक्रम के प्रारंभ में प्रधानाचार्य डॉ. राजेश सिंह ने अतिथियों का स्वागत एवं परिचय कराया। संचालन श्री शिवम दुबे ने किया। अंत में उप-प्रधानाचार्य श्री रामकेवल शर्मा ने अतिथियों, आचार्यों एवं विद्यार्थियों के प्रति आभार व्यक्त किया। समारोह में विद्यालय के सभी आचार्य, शिक्षिकाएं, कर्मचारी एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

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