बस्ती। शिक्षा व्यवस्था में सुधार और विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के नए कानून की वापसी समेत सात सूत्रीय मांगों को लेकर मेधा पार्टी का आंदोलन लगातार जारी है। शनिवार को गांधीकला भवन परिसर स्थित बापू प्रतिमा के निकट धरने के 48वें दिन आंदोलनकारियों ने अपनी मांगों को लेकर आवाज बुलंद की। इस दौरान पितृ पक्ष के अवसर पर अधिकारों के संघर्ष में प्राण गंवाने वाले ज्ञात-अज्ञात लोगों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। चिउड़ा-दही खिलाकर पितरों को विदाई भी दी गई।
मेधा पार्टी के केंद्रीय प्रवक्ता दीन दयाल त्रिपाठी ने कहा कि 48 दिनों से धरना जारी रहने के बावजूद केंद्र सरकार की ओर से अब तक कोई सकारात्मक पहल नहीं की गई है। उन्होंने कहा कि पार्टी अपनी मांगों को लेकर प्रतिबद्ध है और मांगें पूरी होने तक आंदोलन अनवरत जारी रहेगा। उन्होंने बताया कि नवरात्रि में शक्ति की आराधना के साथ देवी मां से प्रार्थना की जाएगी कि सरकार को सद्बुद्धि मिले और यूजीसी के नए कानून को वापस लेने की दिशा में निर्णय लिया जाए।
मेधा पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य पं. सुनील भट्ट ने कहा कि सरकार को आंदोलनकारियों के धैर्य की परीक्षा लेने के बजाय उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करना चाहिए। उन्होंने छात्रों को जाति और धर्म के आधार पर बांटने के प्रयास बंद करने की मांग उठाई।
धरने में उमेश पाण्डेय मुन्ना, विशाल सिंह, दीपक शुक्ला, बृजेश द्विवेदी, अजय कुमार चौधरी, राहुल त्रिपाठी, रुद्र आदर्श पाण्डेय, रामरीका पाण्डेय, अंशू चौरसिया, विपुल सिंह, कृष्ण कुमार पाठक, गौरीशंकर त्रिपाठी, आदित्य नारायण त्रिपाठी, सुयश पाठक, दिव्यांश पाण्डेय, निखिल पाण्डेय, संजय शर्मा, प्रिंस भट्ट और गिरीश चंद्र गिरी सहित मेधा पार्टी के पदाधिकारी, सदस्य तथा विभिन्न संगठनों के लोग शामिल रहे।

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