गोरखपुर। पूर्वोत्तर रेलवे में रेल यात्रियों, कर्मचारियों एवं उनके परिजनों को स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने के लिए 10,518 ओवरहेड वाटर टैंक स्थापित किए गए हैं। इनकी नियमित जांच, सफाई और रखरखाव किया जा रहा है। सभी टंकियों में स्वचालित क्लोरीनीकरण की व्यवस्था है।
जल की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए अवशिष्ट क्लोरीन और जीवाणु परीक्षण लगातार किए जा रहे हैं। स्वास्थ्य निरीक्षकों द्वारा जल स्रोतों और वितरण केंद्रों से नमूने लेकर जांच की जा रही है। टंकियों, वाटर कूलर, फिल्टर, आरओ-यूवी प्रणाली, नल और पाइपलाइनों की नियमित सफाई एवं विसंक्रमण भी कराया जा रहा है।
लखनऊ मंडल के 12 प्रमुख स्टेशनों और चार कॉलोनियों में 133 अवशिष्ट क्लोरीन परीक्षण किए गए तथा जीवाणु परीक्षण के लिए तीन नमूने लिए गए। सभी जांच मानकों के अनुरूप पाए गए। वाराणसी मंडल में भी स्टेशनों, कॉलोनियों, चिकित्सालयों, रनिंग रूम, कार्यालयों सहित विभिन्न स्थानों पर जल व्यवस्था की जांच की गई।
इज्जतनगर मंडल के प्रमुख स्टेशनों और न्यू मॉडल कॉलोनी में भी अवशिष्ट क्लोरीन की जांच की गई, जिसमें सभी नमूने निर्धारित मानकों के अनुरूप मिले। रेलवे प्रशासन ने सुरक्षित पेयजल की निगरानी व्यवस्था को और मजबूत किया है।

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