वॉयस ऑफ बस्ती संवाददाता
बस्ती। आर्य समाज नई बाजार में चल रहे त्रिदिवसीय वेद प्रचार कार्यक्रम के तीसरे दिन का शुभारंभ स्वामी दयानंद विद्यालय सुरतीहट्टा एवं रिहैब प्लस एजुकेशन सेंटर में प्रभात सत्र से हुआ। योग शिक्षिका नीलम मिश्रा के नेतृत्व में आयोजित सत्र में राकेश पाण्डेय सपत्नीक यजमान रहे।
देवयज्ञ एवं हवन संपन्न कराते हुए आचार्य सुरेश जोशी ने भारतीय वैदिक काल गणना के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि यज्ञ एवं कर्मकांड से पूर्व संकल्प लेने की परंपरा प्राचीन और वैज्ञानिक है। संकल्प में सृष्टि संवत, मन्वंतर, युग, मास, पक्ष, तिथि, गोत्र और स्थान का उच्चारण व्यक्ति को अपनी गौरवशाली संस्कृति और इतिहास से जोड़ता है। श्रद्धालुओं ने वेदमंत्रों के साथ हवन में आहुतियां अर्पित कीं।
इसके बाद विदुषी रुक्मिणी जोशी ने प्रेरक भजनों की प्रस्तुति दी। उन्होंने कहा कि ईश्वर की सन्निधि दुखों का अंत करती है तथा जिस परिवार में नियमित संध्या-हवन होता है, वहां सुमति, शांति और आरोग्य का वास होता है।
सायंकालीन सत्र में आचार्य सुरेश जोशी ने ‘त्रैतवाद’ की व्याख्या करते हुए कहा कि सृष्टि में ईश्वर, जीव और प्रकृति तीन अनादि सत्ताएं हैं। आर्य समाज के प्रधान ओम प्रकाश आर्य ने वैदिक विचारों के प्रसार को समाज के लिए आवश्यक बताया। संचालन आचार्य देवव्रत आर्य ने किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।

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