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Friday, September 11, 2026

पांच दिवसीय बैंकिंग और एकतरफा पीएलआई के विरोध में गोरखपुर में पैदल मार्च

- चारों शनिवार अवकाश, हड़ताल के दिनों का वेतन न काटने समेत मांगों को लेकर बैंककर्मियों ने जताया आक्रोश

वॉयस ऑफ बस्ती संवाददाता


गोरखपुर। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) गोरखपुर इकाई के बैनर तले शुक्रवार को पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था और एकतरफा प्रोडक्टिविटी लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) के विरोध में अखिल भारतीय हड़ताल के समर्थन में विशाल पैदल मार्च निकाला गया। बैंककर्मियों ने माह के चारों शनिवार को अवकाश घोषित करने, हड़ताल के दिनों का वेतन नहीं काटने तथा न्यायपूर्ण एवं पारदर्शी पीएलआई व्यवस्था लागू करने समेत विभिन्न मांगों को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया।

पैदल मार्च एसबीआई की मुख्य शाखा से शुरू हुआ। बैंककर्मी बैंक रोड, विजय चौराहा, गोलघर और टाउन हॉल होते हुए पुनः एसबीआई की मुख्य शाखा पहुंचे। यहां सभी कर्मचारी एकत्रित हुए और आक्रोश सभा आयोजित की गई। सभा में पांच दिवसीय बैंकिंग और पीएलआई को लेकर कर्मचारियों ने जमकर विरोध जताया।

बैंककर्मियों का कहना था कि आरबीआई, एलआईसी, बीएसई, एनएसई सहित केंद्र सरकार के अनेक कार्यालयों में पांच दिवसीय कार्य व्यवस्था लागू है। ऐसे में बैंकों में भी चारों शनिवार को अवकाश दिया जाना चाहिए। कर्मचारियों के अनुसार वे प्रतिदिन करीब 40 मिनट अतिरिक्त कार्य करते हैं, इसलिए शनिवार को अवकाश दिए जाने से ग्राहक सेवा प्रभावित नहीं होगी। डिजिटल बैंकिंग, एटीएम और यूपीआई जैसी सेवाएं 24 घंटे उपलब्ध रहती हैं।

कर्मचारियों ने कहा कि पांच दिवसीय बैंकिंग से कार्य और निजी जीवन में बेहतर संतुलन बनेगा, मानसिक तनाव कम होगा और कार्यक्षमता बढ़ेगी। साथ ही बिजली की खपत और कार्बन उत्सर्जन में भी कमी आएगी।

पीएलआई के मुद्दे पर कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि बिना UFBU से पर्याप्त चर्चा किए एकतरफा योजना लागू की जा रही है, जो द्विपक्षीय समझौते की भावना के विपरीत है। उनका कहना था कि वे पीएलआई के विरोध में नहीं हैं, बल्कि एकतरफा और भेदभावपूर्ण पीएलआई व्यवस्था का विरोध कर रहे हैं। शाखाओं में सीधे ग्राहकों के बीच काम करने वाले कर्मचारियों और अधिकारियों के साथ न्यायपूर्ण व्यवहार तथा पारदर्शी व्यवस्था की मांग की गई।

प्रदर्शनकारियों ने यह भी कहा कि कर्मचारी शौक से हड़ताल नहीं करते। हड़ताल के प्रत्येक दिन वेतन कटने के बावजूद कर्मचारी अपनी मांगों के समर्थन में संघर्ष कर रहे हैं। इसलिए हड़ताल के दिनों का वेतन नहीं काटा जाना चाहिए

सभा के दौरान बैंककर्मियों ने विभिन्न बैंक कर्मचारी संगठनों की एकता का आह्वान करते हुए नारे लगाए और मांगों के समर्थन में संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया।

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