वॉयस ऑफ बस्ती संवाददाता
गोरखपुर। पूर्वोत्तर रेलवे के महाप्रबंधक उदय बोरवणकर की अध्यक्षता में क्षेत्रीय रेल उपयोगकर्ता परामर्शदात्री समिति (जेडआरयूसीसी) की 112वीं बैठक गुरुवार को रेलवे अधिकारी क्लब, गोरखपुर में हुई। बैठक में सांसदों, सांसद प्रतिनिधियों तथा समिति सदस्यों ने विभिन्न क्षेत्रों की रेल संबंधी समस्याओं और यात्री सुविधाओं के विस्तार के सुझाव दिए।
महाप्रबंधक ने कहा कि पूर्वोत्तर रेलवे पर लाइन क्षमता बढ़ाने, यात्री सुविधाओं के उन्नयन, संरक्षित ट्रेन संचालन, कर्मचारी कल्याण और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में लगातार कार्य किए जा रहे हैं। वित्त वर्ष 2025-26 में 81.34 किलोमीटर मल्टी-ट्रैकिंग तथा 12 आरओबी और 43 आरयूबी का कार्य पूरा किया गया। वर्तमान वित्त वर्ष में अब तक 25.72 किलोमीटर मल्टी-ट्रैकिंग पूरी हो चुकी है।
उन्होंने बताया कि यात्रियों की भीड़ को देखते हुए दुर्गापूजा, दीपावली, छठ, गर्मी और होली के दौरान 1,218 फेरों में 193 विशेष ट्रेनें चलाई गईं। गोरखपुर-पाटलिपुत्र वंदे भारत समेत कई नई रेल सेवाएं शुरू की गई हैं। अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत पूर्वोत्तर रेलवे के 58 स्टेशनों का पुनर्विकास किया जा रहा है।
महराजगंज (बिहार) के सांसद जनार्दन सिंह सिग्रीवाल ने जेडआरयूसीसी की बैठक वर्ष में कम से कम दो बार कराने का सुझाव दिया। सीवान की सांसद विजयलक्ष्मी देवी ने सीवान-छपरा होते हुए पटना तक ट्रेन चलाने की मांग रखी। अन्य सदस्यों ने नई ट्रेनों, ठहराव, मार्ग विस्तार, आरओबी-आरयूबी और छोटे स्टेशनों पर यात्री सुविधाएं बढ़ाने के सुझाव दिए।

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