गोरखपुर। राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के प्रतिनिधिमंडल ने मंगलवार को कर्मचारियों की विभिन्न समस्याओं को लेकर जिलाधिकारी के नाम अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) वैभव शर्मा को ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधिमंडल ने कर्मयोगी ऐप पर iGOT-कर्मयोगी ऑनलाइन कोर्स की अनिवार्यता समाप्त करने के साथ ही लंबित एरियर, चिकित्सा प्रतिपूर्ति और आवासीय भत्ते का भुगतान कराने की मांग की।
संगठन के अध्यक्ष रूपेश कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि शासनादेश के तहत फील्ड कर्मचारियों के लिए iGOT-कर्मयोगी ऑनलाइन कोर्स अनिवार्य किया गया है, जो मैदानी स्तर पर कार्यरत कर्मचारियों के लिए व्यावहारिक कठिनाइयों वाला है। उन्होंने शासन से इस व्यवस्था को फील्ड कर्मचारियों के लिए तत्काल समाप्त करने की मांग की।
प्रतिनिधिमंडल के अनूप कुमार ने बताया कि मेट, बेलदार, चौकीदार सहित कई मैदानी कर्मचारियों को ऑनलाइन कोर्स पूरा करने में तकनीकी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इजहार अली ने कहा कि चतुर्थ श्रेणी और मैदानी पदों पर तैनात अनेक कर्मचारी डिजिटल माध्यमों से पूरी तरह परिचित नहीं हैं। इसके चलते उन्हें कोर्स पूरा करने के लिए साइबर कैफे अथवा अन्य बाहरी साधनों पर निर्भर होना पड़ रहा है।
ज्ञापन में जिला पंचायत राज अधिकारी कार्यालय में कर्मचारियों के लंबित एरियर का बजट उपलब्ध होने के बावजूद भुगतान न होने का मामला भी उठाया गया। परिषद ने मामले की निष्पक्ष जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई तथा सभी कर्मचारियों का एरियर शीघ्र जारी कराने की मांग की।
इसके अलावा समबुद्धि जोहा के लंबित चिकित्सा प्रतिपूर्ति बिल का तत्काल भुगतान कराने और सफाई कर्मी इजहार अली के बेटे की आगामी 6 अक्टूबर को होने वाली शादी को देखते हुए मानवीय आधार पर उनका लंबित एरियर शीघ्र जारी करने की मांग की गई।
परिषद ने नलकूप खंड प्रथम के अंतर्गत सहजनवा और ब्रह्मपुर ब्लॉक में तैनात नलकूप चालकों को महानगरीय आवासीय भत्ता दिए जाने की भी मांग की। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि संबंधित क्षेत्रों में अन्य विभागों के कर्मचारियों को यह सुविधा मिल रही है, इसलिए नलकूप चालकों को भी इसका लाभ दिया जाना न्यायसंगत है।
इस अवसर पर रूपेश, अनूप, इजहार, सौरभ, सुभाष और रामधनी पासवान सहित अन्य कर्मचारी मौजूद रहे।

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