बस्ती। वरिष्ठ साहित्यकार एवं इतिहासकार सत्येन्द्रनाथ मतवाला की तृतीय पुण्यतिथि पर कबीर साहित्य सेवा संस्थान की ओर से श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर उपस्थित लोगों ने उनके चित्र पर माल्यार्पण कर उनके साहित्यिक एवं ऐतिहासिक योगदान को याद किया।
वरिष्ठ चिकित्सक एवं साहित्यकार डॉ. वी.के. वर्मा ने कहा कि सत्येन्द्रनाथ मतवाला ने ‘बस्ती जनपद का इतिहास’, ‘बस्ती जनपद का गौरव’ और ‘बस्ती मंडल का इतिहास’ जैसी महत्वपूर्ण पुस्तकों का लेखन किया। सेवानिवृत्ति के बाद भी वह निरंतर साहित्य साधना में रत रहे। साहित्य और इतिहास के क्षेत्र में उनका योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा।
डॉ. रामकृष्ण लाल ‘जगमग’ ने कहा कि बैंक से सेवानिवृत्ति के बाद मतवाला जी ने अपना पूरा समय साहित्य साधना को समर्पित कर दिया। उन्होंने बस्ती मंडल के इतिहास और भूगोल को सहेजने का महत्वपूर्ण कार्य किया, जिसे आने वाली पीढ़ियां भी याद रखेंगी।
श्याम प्रकाश शर्मा ने कहा कि इतिहास लेखन बेहद दुरूह कार्य है, लेकिन सत्येन्द्रनाथ मतवाला ने इस कार्य को पूरी निष्ठा के साथ पूरा किया। उनकी पुस्तकों के माध्यम से नई पीढ़ी बस्ती के इतिहास और भूगोल को समझ सकेगी।
सत्येन्द्रनाथ मतवाला के पुत्र आकाश श्रीवास्तव ने बभनगांवा स्थित आवास पर आयोजित कार्यक्रम में कहा कि उनके पिता ने साहित्य और इतिहास लेखन के क्षेत्र में जो योगदान दिया, वह अनुकरणीय है।
कार्यक्रम में बटुकनाथ शुक्ल, पं. चन्द्रबली मिश्र, दीपक सिंह ‘प्रेमी’, अफजल हुसेन अफजल, अनवर पारसा, राहुल चौहान, नीलम श्रीवास्तव, डॉ. वाहिद अली सिद्दीकी, सामईन फारूकी सहित अनेक साहित्यकार, गणमान्य लोग एवं परिजन उपस्थित रहे। सभी ने सत्येन्द्रनाथ मतवाला के साहित्यिक एवं ऐतिहासिक योगदान को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।

No comments:
Post a Comment