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Sunday, September 6, 2026

पूर्व थानाध्यक्ष सूर्य प्रकाश आत्महत्या मामले में तीन गिरफ्तार


पुलिस का आरोप—हनीट्रैप व ब्लैकमेलिंग के जरिए धन उगाही करता था गिरोह, बोलेरो और तीन मोबाइल बरामद

वॉयस ऑफ बस्ती संवाददाता

बस्ती। वाल्टरगंज के पूर्व थानाध्यक्ष स्व. सूर्य प्रकाश सिंह की आत्महत्या के मामले में कोतवाली पुलिस ने तीन आरोपितों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपितों पर हनीट्रैप, ब्लैकमेलिंग और कथित रूप से प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है। गिरफ्तार आरोपितों में प्रियंका चौधरी, उसके पिता रामनयन चौधरी और विजय प्रकाश शामिल हैं। पुलिस ने इनके कब्जे से एक बोलेरो और तीन मोबाइल फोन बरामद किए हैं।

पुलिस के मुताबिक, 29 अगस्त 2026 को पूर्व थानाध्यक्ष सूर्य प्रकाश सिंह ने बस्ती कलेक्ट्रेट परिसर स्थित अपने सरकारी आवास में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। इस मामले में मृतक के पुत्र संदीप सिंह की तहरीर पर पांच सितंबर को कोतवाली थाने में मुकदमा अपराध संख्या 387/2026, धारा 108 व 3(5) बीएनएस के तहत प्रियंका चौधरी समेत तीन लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था।

पुलिस का आरोप है कि प्रियंका चौधरी लोगों को कथित रूप से हनीट्रैप में फंसाकर वीडियो, ऑडियो, वीडियो कॉल और चैटिंग के माध्यम से ब्लैकमेल करती थी। पुलिस के अनुसार, कथित ब्लैकमेलिंग के जरिए लोगों से धन की मांग की जाती थी। पुलिस का यह भी आरोप है कि इस कथित गतिविधि में प्रियंका के पिता रामनयन चौधरी और विजय प्रकाश सहयोग करते थे तथा धन उगाही में उनकी भूमिका रहती थी।

पुलिस ने दावा किया है कि अब तक की जांच में चार लोगों को कथित रूप से हनीट्रैप में फंसाकर धन उगाही किए जाने की जानकारी मिली है। इनमें डॉ. उमेश से चार लाख, अहमद रजा से पांच लाख और आर्यन दीक्षित उर्फ जितेंद्र दीक्षित से 15 लाख रुपये की कथित उगाही का पुलिस ने उल्लेख किया है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

पुलिस के अनुसार, करीब दो वर्ष पूर्व कथित रूप से इसी तरह धन जुटाकर प्रियंका ने बोलेरो खरीदी थी। पुलिस का आरोप है कि बाद में बोलेरो चालक अहमद रजा को भी कथित तौर पर ब्लैकमेल किया गया। पुलिस ने यह भी दावा किया है कि प्रियंका और उसके पिता जिस मकान में किराए पर रहते थे, उसके मकान मालिक डॉ. उमेश को भी कथित रूप से हनीट्रैप में फंसाकर धन उगाही की गई।

सूर्य प्रकाश सिंह की मौत को लेकर पुलिस ने कहा है कि इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के विश्लेषण में मृतक का प्रियंका चौधरी और विजय प्रकाश से संपर्क सामने आया है। पुलिस के मुताबिक, घटना वाले दिन विजय प्रकाश ने दोपहर 1:41 बजे सूर्य प्रकाश सिंह को अंतिम कॉल की थी। पुलिस का आरोप है कि कथित प्रताड़ना से परेशान होकर सूर्य प्रकाश सिंह ने आत्महत्या की। हालांकि, आत्महत्या के कारणों और आरोपितों की भूमिका को लेकर अंतिम निष्कर्ष न्यायिक प्रक्रिया और विवेचना के परिणाम पर निर्भर करेगा।

पुलिस ने तीनों आरोपितों को छह सितंबर की सुबह 7:55 बजे सदर अस्पताल के सामने से गिरफ्तार किया। उनके पास से बोलेरो संख्या यूपी51बीएन 5805 और तीन मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। पुलिस का कहना है कि मामले में अन्य संभावित पीड़ितों और पूरे घटनाक्रम की जांच अभी जारी है।

गिरफ्तारी करने वाली टीम में प्रभारी निरीक्षक बृजानन्द सिंह, उपनिरीक्षक अजय कुमार यादव, उपनिरीक्षक जयविन्द सिंह, सर्विलांस प्रभारी उपनिरीक्षक शेषनाथ यादव सहित सर्विलांस सेल और कोतवाली पुलिस के अन्य कर्मचारी शामिल रहे।

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