गोरखपुर। नेशनल फिजियोथेरेपी वेलफेयर एसोसिएशन (NPWA) के तत्वावधान में रविवार को ‘डिकोडिंग डिजिनेस एंड वर्टिगो’ विषय पर एक दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला आयोजित की गई। इसमें चक्कर, वर्टिगो और संतुलन संबंधी समस्याओं के निदान एवं आधुनिक उपचार तकनीकों पर विशेषज्ञों ने जानकारी दी।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव, विशिष्ट अतिथि पूर्व राज्य महिला आयोग सदस्य मीना कुमारी, प्रीति सोनी, डॉ. स्वाति गुप्ता तथा NPWA अध्यक्ष डॉ. अरुण कुमार वर्मा, उपाध्यक्ष डॉ. मनीष कुमार सिंह और सचिव डॉ. कमलापत तिवारी ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया।
मुख्य अतिथि डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव ने कहा कि फिजियोथेरेपी चिकित्सा जगत में महत्वपूर्ण उपचार पद्धति के रूप में स्थापित हो चुकी है। आधुनिक तकनीकों के माध्यम से मरीजों को बेहतर पुनर्वास और राहत उपलब्ध कराई जा सकती है। उन्होंने ऐसे ज्ञानवर्धक आयोजनों को स्वास्थ्य सेवाओं के लिए उपयोगी बताया।
तकनीकी सत्र में मुख्य वक्ता डॉ. व्योम ज्ञानपुरी और डॉ. नीतू रानी धीमान ने डिजिनेस एवं वर्टिगो के विभिन्न प्रकार, कारण, क्लीनिकल असेसमेंट और उपचार की आधुनिक तकनीकों पर विस्तार से जानकारी दी। डॉ. स्वाति गुप्ता ने पुनर्वास में फिजियोथेरेपी की भूमिका पर प्रकाश डाला। प्रतिभागियों को वेस्टिबुलर रिहैबिलिटेशन सहित विभिन्न हैंड्स-ऑन तकनीकों का प्रशिक्षण भी दिया गया।
कार्यशाला में गोरखपुर सहित बस्ती, खलीलाबाद, मऊ, आजमगढ़, बलिया, बिहार, लखनऊ और कानपुर से आए करीब 57 चिकित्सकों, फिजियोथेरेपिस्टों एवं शोधार्थियों ने भाग लिया। आयोजन का उद्देश्य चक्कर एवं संतुलन संबंधी समस्याओं के आधुनिक निदान और पुनर्वास के लिए चिकित्सकों को नई तकनीकों से परिचित कराना रहा।
समापन पर NPWA अध्यक्ष डॉ. अरुण कुमार वर्मा, उपाध्यक्ष डॉ. मनीष कुमार सिंह एवं सचिव डॉ. कमलापत तिवारी ने अतिथियों, वक्ताओं और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया। आयोजन में डॉ. कुंवर आशुतोष प्रताप, डॉ. तेजस कंवर गुप्ता, डॉ. सविता राय, डॉ. रवि त्रिपाठी और डॉ. अंजलि भारती सहित अन्य सदस्यों की सहभागिता रही।


No comments:
Post a Comment