व्यापार मंडल के चेयरमैन आनंद राजपाल ने कहा कि यूपीआई भुगतान आज छोटे दुकानदारों से लेकर आम उपभोक्ताओं तक के लिए आसान और सुविधाजनक माध्यम बन चुका है। ऐसे में यूपीआई लेन-देन पर अतिरिक्त शुल्क लगाए जाने से व्यापारियों और ग्राहकों पर आर्थिक बोझ बढ़ सकता है।
संयोजक सूर्य कुमार शुक्ल ने कहा कि सरकार ने डिजिटल भुगतान को बढ़ावा दिया है और यूपीआई ने व्यापारिक लेन-देन को सरल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। एमडीआर शुल्क लागू होने से छोटे दुकानदारों और व्यापारियों के सामने अतिरिक्त आर्थिक परेशानी खड़ी हो सकती है। उन्होंने प्रधानमंत्री से व्यापारिक हितों को ध्यान में रखते हुए प्रस्तावित व्यवस्था पर पुनर्विचार करने की मांग की।
ज्ञापन देने वालों में महामंत्री रंजीत श्रीवास्तव, नगर अध्यक्ष प्रभात सोनी ‘आर्यन’, आशुतोष पाण्डेय, कृपाशंकर त्रिपाठी, गौरव साहू, नन्दकिशोर कसौधन, दिनेश जायसवाल, कमल जायसवाल, अरविन्द चौधरी, घनश्याम कसेरा, विजय श्रीवास्तव, अनिल कसौधन, शिवम कुमार, सुद्दू, सौरभ गुप्ता, भोला गुप्ता, ओम प्रकाश आर्य, रामजी कसौधन, भागवत बरनवाल, बैजनाथ अग्रहरी, अदालत प्रसाद, उमर खान, रवि कुमार, नीरज गुप्ता, राजेंद्र प्रसाद कौशल, बृजकिशोर कसौधन, राजेंद्र कसौधन, हिमांशु गुप्ता, मनोज गुप्ता सहित बड़ी संख्या में व्यापारी मौजूद रहे।

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