वॉयस ऑफ बस्ती संवाददाता
गुवाहाटी/लखनऊ । प्रेस इनफार्मेशन ब्यूरो (पीआईबी) की ओर से आयोजित मीडिया टूर के तहत सुंदरम चौरसिया, मीडिया एंड कम्युनिकेशन ऑफिसर के नेतृत्व में 13 पत्रकारों का दल असम पहुंचा। गुवाहाटी से करीब 30 किलोमीटर दूर डाकिनी पहाड़ी पर स्थित भीमाशंकर महादेव धाम पहुंचकर पत्रकारों ने दर्शन-पूजन किया। पहाड़, हरियाली और प्राकृतिक वातावरण के बीच स्थित यह प्राचीन शिवधाम श्रद्धालुओं की गहरी आस्था का केंद्र है।
स्थानीय धार्मिक मान्यता के अनुसार यह स्थल भगवान शिव के भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग से जुड़ा है। पौराणिक कथा में वर्णित है कि भीमासुर नामक राक्षस के अत्याचार से क्षेत्र के लोग परेशान थे। भक्तों की प्रार्थना पर भगवान शिव प्रकट हुए और भीमासुर का वध कर धर्म की रक्षा की। मान्यता है कि इसके बाद भगवान शिव यहां भीमाशंकर के रूप में विराजमान हुए। स्थानीय लोगों के बीच यह विश्वास भी प्रचलित है कि सच्चे मन से महादेव की पूजा करने वाले श्रद्धालुओं की मनोकामना पूरी होती है।
सावन के महीने में यहां हजारों श्रद्धालु जलाभिषेक के लिए पहुंचते हैं। वर्षभर सोमवार और गुरुवार को भी जल चढ़ाने वालों की भीड़ रहती है। मंदिर के आसपास करीब दस हजार की आबादी के लिए यह धाम धार्मिक आस्था का प्रमुख केंद्र है।
गुवाहाटी से सड़क मार्ग से पमोही होते हुए मंदिर तक पहुंचा जा सकता है। आसपास का प्राकृतिक परिवेश पर्यटकों को भी आकर्षित करता है। समीप स्थित डीपोर बील असम का प्रमुख प्राकृतिक एवं पर्यटन स्थल है। मंदिर क्षेत्र में श्रद्धालुओं के लिए पूजा सामग्री और स्थानीय स्तर पर आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध हैं।
मीडिया टूर में शामिल पत्रकारों ने मंदिर में पूजा-अर्चना के साथ स्थानीय धार्मिक परंपराओं और लोकविश्वासों को भी जाना। डाकिनी पहाड़ी की शांत प्राकृतिक छटा और महादेव के प्रति लोगों की अटूट आस्था ने पत्रकारों को विशेष रूप से प्रभावित किया।

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