बस्ती। शिक्षा व्यवस्था में सुधार, यूजीसी के नए कानून की वापसी सहित सात सूत्रीय मांगों को लेकर मेधा पार्टी का गांधी कला भवन परिसर स्थित बापू प्रतिमा के निकट चल रहा धरना शनिवार को 27वें दिन भी जारी रहा। धरने को विभिन्न संगठनों के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने समर्थन दिया।
मेधा पार्टी के केंद्रीय प्रवक्ता दीनदयाल त्रिपाठी ने कहा कि मांगें पूरी होने तक पार्टी का धरना अनवरत जारी रहेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि इस मुद्दे पर केंद्र सरकार की चुप्पी छात्र विरोधी मानसिकता को दर्शाती है।
धरने को समर्थन देते हुए धर्म सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष संतोष दुबे ने कहा कि सरकार को यूजीसी के नए कानून को वापस लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि मांगों की अनदेखी किए जाने का राजनीतिक असर आगामी चुनावों में देखने को मिल सकता है।
मेधा पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता दीनदयाल तिवारी ने कहा कि शिक्षा में समानता और सामाजिक न्याय के लक्ष्य को हासिल करने के लिए पार्टी लगातार संघर्ष करती रहेगी। गरीब बच्चों को बेहतर शिक्षा और उनके अधिकार दिलाने के लिए आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि यूजीसी में नया कानून लाकर केंद्र सरकार छात्रों को जाति और धर्म के आधार पर विभाजित करने का प्रयास कर रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि कानून वापस नहीं लिया गया तो इसके गंभीर परिणाम सामने आ सकते हैं।
धरने में पं. सुनील भट्ट, उमेश पाण्डेय मुन्ना, संजय प्रधान, प्रतीक मिश्र, नागेंद्र मिश्र, सोनू चौधरी, संतोष शुक्ल, विशाल सिंह, दीपक शुक्ल, बृजेश द्विवेदी, अजय कुमार चौधरी, राहुल त्रिपाठी, पिन्टू शुक्ल, अंशू चौरसिया, देवेश पाण्डेय सहित मेधा पार्टी के पदाधिकारी, सदस्य और विभिन्न संगठनों के लोग मौजूद रहे।

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