वॉयस ऑफ बस्ती संवाददाता
बस्ती। सेवानिवृत्त कर्मचारी एवं शिक्षक पेंशनर्स एसोसिएशन ने अखिल भारतीय राज्य पेंशनर फेडरेशन एवं एसोसिएशन की प्रांतीय कार्यकारिणी के निर्देश पर मंगलवार को कलेक्ट्रेट पर एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन किया। इसके बाद प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को संबोधित 12 सूत्रीय मांगपत्र जिलाधिकारी द्वारा नामित उप जिलाधिकारी सदर को सौंपा गया। संचालन जिला मंत्री उदय प्रताप पाल ने किया।
ज्ञापन में पेंशनरों को आठवें वेतन आयोग में शामिल करने, आयोग की प्रक्रिया में हो रहे विलंब को देखते हुए अंतरिम राहत देने, कर्मचारियों-पेंशनरों के लिए अलग उपभोक्ता मूल्य सूचकांक जारी करने, पुरानी पेंशन व्यवस्था बहाल करने और पेंशन राशिकरण की अवधि 10 वर्ष करने की मांग प्रमुख रही। इसके अलावा 65 वर्ष की आयु पूरी होने पर प्रत्येक पांच वर्ष में पांच प्रतिशत पेंशन वृद्धि, कोरोना काल के 19 माह के महंगाई भत्ते के एरियर का भुगतान, वरिष्ठ नागरिकों को रेल किराये में 50 प्रतिशत छूट तथा कैशलेस उपचार की सीमा 10 लाख रुपये करने की मांग उठाई गई।
माध्यमिक शिक्षक संघ के प्रांतीय उपाध्यक्ष मारकंडेय सिंह और प्रेम शंकर लाल श्रीवास्तव ने कहा कि पेंशनरों को आठवें वेतन आयोग से बाहर रखना दुर्भाग्यपूर्ण है। वक्ताओं ने मांगों के लिए निर्णायक संघर्ष का आह्वान किया। धरने में बड़ी संख्या में पेंशनर मौजूद रहे।

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