गोरखपुर। यूनिफाइड पेंशन स्कीम (UPS) में किसी तरह के बदलाव का प्रस्ताव विचाराधीन नहीं होने संबंधी केंद्र सरकार के बयान से कर्मचारियों में नाराजगी बढ़ गई है। राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद ने सरकार के रुख को कर्मचारियों की पेंशन संबंधी मूल चिंता की अनदेखी बताते हुए पुरानी पेंशन योजना (OPS) की बहाली के लिए निर्णायक आंदोलन का ऐलान किया है।
सरकार के बयान के विरोध में परिषद कार्यालय में आयोजित आपात बैठक में पदाधिकारियों ने केंद्र सरकार से पेंशन व्यवस्था पर तत्काल स्पष्ट और सकारात्मक निर्णय लेने की मांग की। बैठक में कहा गया कि कर्मचारी वर्षों तक अपनी सेवाएं देकर सरकारी योजनाओं को धरातल पर लागू करते हैं, ऐसे में सेवानिवृत्ति के बाद उनके भविष्य की आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है।
परिषद अध्यक्ष रूपेश कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि पुरानी पेंशन कर्मचारियों के अधिकार और सामाजिक सुरक्षा से जुड़ा मुद्दा है। सरकार को कर्मचारियों की भावनाओं को समझते हुए OPS बहाल करने की दिशा में पहल करनी चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि मांग की अनदेखी जारी रही तो कर्मचारी आंदोलन को सड़क तक ले जाने के लिए बाध्य होंगे।
महामंत्री मदन मुरारी शुक्ला ने कहा कि सरकार कर्मचारियों के धैर्य की परीक्षा ले रही है। UPS में बदलाव नहीं होने की बात कहने से कर्मचारियों की मूल समस्या का समाधान नहीं होता। उन्होंने कहा कि कर्मचारी UPS अथवा NPS में बदलाव नहीं, बल्कि पुरानी पेंशन योजना की बहाली की स्पष्ट मांग कर रहे हैं। इसके लिए सड़क से सदन तक निर्णायक संघर्ष किया जाएगा।
वरिष्ठ उपाध्यक्ष पंडित श्याम नारायण शुक्ला ने कहा कि पेंशन के सवाल पर अब कर्मचारी संगठनों को एकजुट होकर सरकार पर दबाव बनाना होगा। उन्होंने व्यापक आंदोलन की जरूरत बताते हुए कहा कि OPS बहाली के लिए संघर्ष को चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जाएगा।
परिषद के संरक्षक अशोक पांडेय ने कहा कि पेंशन किसी कर्मचारी पर सरकार की कृपा नहीं, बल्कि लंबे सेवाकाल के बाद मिलने वाली सामाजिक सुरक्षा है। सरकार को कर्मचारियों की मांग को गंभीरता से लेते हुए सकारात्मक निर्णय लेना चाहिए।
बैठक में वक्ताओं ने कहा कि एक अप्रैल 2025 से लागू UPS में सुनिश्चित पेंशन समेत कई प्रावधान हैं, लेकिन कर्मचारी संगठनों की मूल मांग OPS की बहाली है। कर्मचारियों का कहना है कि सेवानिवृत्ति के बाद ऐसी पेंशन व्यवस्था होनी चाहिए, जिसमें उनका आर्थिक भविष्य सुरक्षित रहे और बाजार आधारित जोखिमों का असर न पड़े।
बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि सरकार ने यदि शीघ्र OPS बहाली की दिशा में ठोस पहल नहीं की तो परिषद आंदोलन को चरणबद्ध तरीके से तेज करेगी। जरूरत पड़ने पर कर्मचारी सड़क पर उतरकर निर्णायक संघर्ष करेंगे।
बैठक में रूपेश कुमार श्रीवास्तव, मदन मुरारी शुक्ला, पंडित श्याम नारायण शुक्ला, अशोक पांडेय, गोविंद जी, राजेश मिश्रा, अनूप कुमार, अनिल द्विवेदी, सुभाष पांडेय, इंजीनियर सौरभ श्रीवास्तव और रामधनी पासवान सहित परिषद के अन्य पदाधिकारी और कर्मचारी नेता मौजूद रहे।

No comments:
Post a Comment