वॉयस ऑफ बस्ती संवाददाता
बस्ती। उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता व्यवस्था को मजबूत बनाने और कचरे के उचित प्रबंधन एवं पुनर्चक्रण को बढ़ावा देने के लिए बस्ती जनपद में ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन के तहत व्यापक स्तर पर कार्य कराए जा रहे हैं। जनपद की 1179 ग्राम पंचायतों को इसके लिए कुल 7084.46 लाख रुपये की धनराशि प्राप्त हुई है। इस धनराशि से ग्राम पंचायतों में कचरा प्रबंधन की आधारभूत सुविधाएं विकसित की गई हैं।
गांवों से निकलने वाले ठोस कचरे के सुरक्षित निस्तारण और उपयोगी सामग्री के पुनर्चक्रण के लिए ठोस अपशिष्ट प्रबंधन केंद्र यानी आरआरसी का निर्माण कराया गया है। इसके साथ ही आरबी डस्टबिन, खाद गड्ढा, सोखता गड्ढा, सिल्क चैंबर और फिल्टर चैंबर जैसी व्यवस्थाएं भी विकसित की गई हैं। इससे घरों और सार्वजनिक स्थानों से निकलने वाले कचरे को व्यवस्थित तरीके से एकत्र कर उसके निस्तारण और पुनर्चक्रण की प्रक्रिया को आसान बनाया जा रहा है।
योजना का उद्देश्य गांवों को स्वच्छ बनाने के साथ कचरे को उपयोगी संसाधन में बदलना भी है। जैविक कचरे से खाद तैयार करने तथा पुनर्चक्रण योग्य सामग्री को अलग कर उपयोग में लाने से गांवों में कचरा प्रबंधन की नई व्यवस्था विकसित हो रही है। इससे ग्रामीणों में स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ने के साथ ग्राम पंचायतों के लिए अतिरिक्त आय के अवसर भी पैदा हो रहे हैं।
ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन के तहत विकसित व्यवस्थाओं से जल निकासी और गंदे पानी के प्रबंधन में भी सुधार हो रहा है। सोखता गड्ढे और फिल्टर चैंबर जैसी संरचनाएं ग्रामीण क्षेत्रों में तरल अपशिष्ट के उचित प्रबंधन में उपयोगी साबित हो रही हैं।
अधिकारियों के अनुसार, कचरे के वैज्ञानिक प्रबंधन और पुनर्चक्रण से ग्राम पंचायतों की स्वच्छता व्यवस्था को स्थायी आधार मिल रहा है। साथ ही कचरे से प्राप्त आय का उपयोग ग्राम पंचायत स्तर पर स्वच्छता संबंधी कार्यों में किए जाने की संभावनाएं बढ़ रही हैं। इस तरह बस्ती के ग्रामीण क्षेत्रों में कचरा अब समस्या के बजाय उपयोगी संसाधन और आय का माध्यम बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

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