वॉयस ऑफ बस्ती संवाददाता
बस्ती। राष्ट्रीय सवर्ण शक्ति मोर्चा की ओर से रविवार को सल्टौआ विकास खंड के उमरा दसिया गांव में जन जागृति चौपाल का आयोजन किया गया। चौपाल में बड़ी संख्या में जुटे लोगों ने शिक्षा, स्वास्थ्य, युवाओं के भविष्य तथा जनहित से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चिंता व्यक्त करते हुए सरकार से प्रभावी कदम उठाने की मांग की।
मोर्चा के अध्यक्ष रामजी पाण्डेय ने कहा कि यूजीसी से जुड़े नए प्रावधानों को व्यापक जनसंवाद और सहमति के बिना लागू किया गया है, जिससे छात्रों, अभिभावकों और समाज के एक बड़े वर्ग में असंतोष है। मुख्य वक्ता रामप्रताप सिंह ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार सामने आ रही अनियमितताओं और उच्च शिक्षा में बार-बार किए जा रहे बदलावों से युवाओं का भविष्य प्रभावित हो रहा है तथा छात्रों का विश्वास कमजोर हुआ है।
अमितेष प्रताप सिंह, यशवंत सिंह 'रोलू', अमरदीप पाण्डेय और जय सिंह राठौर ने शिक्षा व्यवस्था को राजनीतिक प्रयोगों से दूर रखकर छात्रों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की मांग की। वहीं प्रेमशंकर राठौर और आशीष सिंह ने ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने, चिकित्सकों की उपलब्धता बढ़ाने तथा गरीब और मध्यम वर्ग के लिए बेहतर इलाज सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
मोर्चा ने ई-20 पेट्रोल नीति सहित आम जनता को प्रभावित करने वाली विभिन्न नीतियों पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि किसी भी बड़े निर्णय से पहले उसके सामाजिक और आर्थिक प्रभावों पर व्यापक चर्चा होनी चाहिए। सभा में निर्णय लिया गया कि जनहित के मुद्दों पर सकारात्मक पहल नहीं होने पर संगठन प्रदेशव्यापी जनजागरण अभियान चलाएगा। इस अवसर पर नवीन दुबे, रवि सिंह, अभय देव शुक्ल, अवधेश मिश्रा, प्रमोद सिंह, संजय शुक्ल, रवीन्द्र पाण्डेय, उदय प्रताप सिंह, त्रिवेणी पाण्डेय, सिद्धार्थ त्रिपाठी सहित अनेक पदाधिकारी और ग्रामीण उपस्थित रहे।

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