मंडलायुक्त ने क्षेत्र में आवागमन एवं राहत कार्यों के लिए नावों की व्यवस्था का निरीक्षण करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रभावित गांवों में आवश्यकता के अनुसार नावों की उपलब्धता सुनिश्चित रखी जाए। नाव संचालन के दौरान सुरक्षा मानकों का पूरी तरह पालन कराया जाए।
स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की समीक्षा के दौरान उन्होंने बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में स्नेक वेनम की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि सर्पदंश की स्थिति में तत्काल उपचार मिल सके। उन्होंने एंबुलेंस को मौके पर उपलब्ध रखने, आवश्यक दवाओं की चेकलिस्ट तैयार करने तथा स्वच्छ पेयजल के लिए क्लोरीन की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा। साथ ही बाढ़ से संबंधित सूचनाएं प्रतिदिन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान मंडलायुक्त ने ग्रामीणों से सीधे संवाद कर राहत सामग्री के वितरण की जानकारी ली। ग्रामीणों ने बताया कि उन्हें राशन किट उपलब्ध कराई जा रही है। मंडलायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी पात्र एवं प्रभावित परिवारों तक राहत सामग्री समय से पहुंचाई जाए और कोई जरूरतमंद परिवार राहत से वंचित न रहे।
उन्होंने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में स्कूली बच्चों की सुरक्षा को विशेष प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। जलभराव वाले क्षेत्रों में नाव से आवागमन करने वाले प्रत्येक बच्चे को अनिवार्य रूप से लाइफ जैकेट पहनाने तथा बच्चों के आवागमन की निगरानी के लिए संबंधित लेखपालों की ड्यूटी लगाने को कहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि बच्चों की सुरक्षा में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
मंडलायुक्त ने अधिकारियों को बाढ़ की स्थिति पर लगातार निगरानी रखने तथा राहत, स्वास्थ्य, पेयजल, खाद्यान्न और आवागमन की व्यवस्थाओं को पूरी तरह सक्रिय रखने के निर्देश दिए। आपात स्थिति की सूचना मिलते ही संबंधित अधिकारियों को तत्काल मौके पर पहुंचकर आवश्यक कार्रवाई करने को कहा।
इस दौरान अपर आयुक्त प्रशासन मनोज कुमार तिवारी, मुख्य राजस्व अधिकारी कीर्ति प्रकाश भारती, उप जिलाधिकारी उमाकान्त तिवारी, सहायक अभियंता बाढ़ एसबी सिंह, संजय शुक्ला, क्षेत्रीय लेखपाल सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

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