गोरखपुर। सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों (CHO) की वास्तविक उपस्थिति के बावजूद एएमएस (Attendance Management System) में उपस्थिति दर्ज न होने के आधार पर वेतन कटौती किए जाने के मामले में एसोसिएशन ऑफ कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर्स (ACHO) ने जिलाधिकारी से हस्तक्षेप की मांग की है। संगठन ने मांग की है कि शासन से स्पष्ट दिशा-निर्देश आने तक कार्यरत CHO की उपस्थिति अन्य उपलब्ध अभिलेखों के आधार पर मान्य करते हुए वेतन निर्गत किया जाए।
संगठन की ओर से जिलाधिकारी को दिए गए पत्र में कहा गया है कि जनपद में कार्यरत CHO अपने कार्यस्थलों, आयुष्मान आरोग्य मंदिरों एवं ग्रामीण क्षेत्रों में नियमित रूप से उपस्थित होकर स्वास्थ्य सेवाओं का संचालन कर रहे हैं। उनका आरोप है कि एएमएस के माध्यम से उपस्थिति दर्ज कराने को लेकर कुछ व्यावहारिक एवं प्रशासनिक समस्याएं हैं। इसके बावजूद CHO द्वारा वैकल्पिक रूप से GPS फोटो तथा उपस्थिति रजिस्टर में नियमित उपस्थिति दर्ज की जा रही है।
पत्र में कहा गया है कि एएमएस में उपस्थिति दर्ज नहीं होने के आधार पर वेतन कटौती की बात कही जा रही है। संगठन के अनुसार कुशीनगर, महराजगंज, सिद्धार्थनगर, बस्ती, सहारनपुर, महोबा, सीतापुर और बांदा समेत कई जिलों में अभी तक इस आधार पर वेतन कटौती नहीं की गई है। संगठन ने यह भी बताया कि टीबी कार्यक्रम, गोल्डन कार्ड, दस्तक, सुपरविजन सहित अन्य राष्ट्रीय कार्यक्रमों में CHO की जिम्मेदारियां बढ़ी हैं।
ACHO ने मांग की है कि जब तक शासन से स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी नहीं होते, तब तक CHO की वास्तविक उपस्थिति को कार्य संबंधी अभिलेखों, उपस्थिति रजिस्टर और फील्ड में कार्य करते समय लिए गए GPS फोटो के आधार पर मान्य किया जाए। साथ ही जुलाई माह का पूर्ण वेतन निर्गत करने, समस्याओं के समाधान के लिए ग्रिवांस रिड्रेसल कमेटी (GRS) की बैठक आयोजित कराने तथा संबंधित समस्याओं को राज्य स्तर पर उठाने की मांग की गई है।

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