बस्ती। उत्तराखंड के हल्द्वानी में कांग्रेस की विजय शंखनाद रैली के दौरान पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के संबोधन के बाद मंच के कथित ‘शुद्धिकरण’ को लेकर कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं में आक्रोश है। शुक्रवार को कांग्रेस जिलाध्यक्ष विश्वनाथ चौधरी के नेतृत्व में पार्टी पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं ने पार्टी कार्यालय से भगत सिंह की प्रतिमा होते हुए नगर पालिका परिसर स्थित बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा तक पैदल मार्च किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने भाजपा के विरोध में नारेबाजी करते हुए सत्याग्रह किया।
कांग्रेस जिलाध्यक्ष विश्वनाथ चौधरी ने कहा कि हल्द्वानी में जिस मंच से कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने जनता को संबोधित किया, उसी मंच का भाजपा से जुड़े लोगों द्वारा ‘शुद्धिकरण’ किया जाना बेहद आहत करने वाला और निंदनीय है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह घटना जातिगत भेदभाव और संकीर्ण मानसिकता को दर्शाती है तथा समाज में द्वेष और विभाजन को बढ़ावा देती है। कांग्रेस इसे बर्दाश्त नहीं करेगी।
पूर्व विधायक अम्बिका सिंह, देवेन्द्र श्रीवास्तव, वृजेश आर्य और डॉ. वाहिद अली सिद्दीकी ने कहा कि खरगे ने अपने भाषण में किसी धर्म का अपमान नहीं किया था। इसके बावजूद मंच को धोने की घटना उनकी दलित पहचान से जोड़कर अपमान करने वाली है। उन्होंने इसे छुआछूत और सामाजिक भेदभाव का प्रतीक बताते हुए कहा कि लंबे संघर्ष के बाद देश को आजादी मिली, लेकिन जाति और धर्म के आधार पर मानवता तथा संविधान की भावना का अपमान स्वीकार नहीं किया जा सकता।
कार्यक्रम में शौकत अली नन्हू, संदीप श्रीवास्तव, अलीम अख्तर, डॉ. दीपेन्द्र सिंह, अमित सिंह, जयंत चौधरी, अतिउल्लाह सिद्दीकी, रामबचन भारती, गुड्डू सोनकर, आलोक त्रिपाठी, शिव विभूति मिश्रा, मोहम्मद अशरफ, अली राजेन्द्र गुप्ता, सलाउद्दीन, सर्वेश शुक्ला, आनंद निषाद, सद्दाम हुसैन, वृजभान कनौजिया, उमेश उपाध्यक्ष, संजीव त्रिपाठी, आशुतोष पांडेय, कृष्ण कुमार गोयल, हरीश गुप्ता, अभिषेक सिंह, शाह आलम, विश्वजीत, दाउद अहमद, संजय कुमार, इम्तियाज अहमद, अख्तर हुसैन समेत बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।

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