वॉयस ऑफ बस्ती संवाददाता
बस्ती। पुलिस उपमहानिरीक्षक बस्ती परिक्षेत्र बस्ती संजीव त्यागी ने शुक्रवार, 21 अगस्त 2026 को परिक्षेत्रीय कार्यालय बस्ती के सभागार में बस्ती, सिद्धार्थनगर और संतकबीरनगर के पुलिस अधीक्षकों के साथ मासिक अपराध समीक्षा गोष्ठी की। इस दौरान उन्होंने अपराध नियंत्रण, लंबित विवेचनाओं के निस्तारण, वांछित अपराधियों की गिरफ्तारी तथा जनशिकायतों के गुणवत्तापूर्ण समाधान को लेकर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
डीआईजी ने लंबित एवं आंशिक विवेचनाओं का प्राथमिकता के आधार पर समयबद्ध निस्तारण कराने के निर्देश दिए। उन्होंने गैंगस्टर, वांछित, पुरस्कार घोषित, जिला बदर तथा गैर-जमानती वारंट वाले अभियुक्तों की शत-प्रतिशत गिरफ्तारी सुनिश्चित करने को कहा। चोरी और वाहन चोरी की घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण के साथ ही संगीन अपराधों, महिला अपराध, अनुसूचित जाति-जनजाति तथा पॉक्सो अधिनियम से संबंधित मामलों में त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई के निर्देश दिए।
उन्होंने जनपद स्तर पर साइबर अपराध के लिए तैयार कार्ययोजना के अनुसार प्रभावी कार्रवाई करने तथा साइबर ठगी से संबंधित मोबाइल और आईएमईआई नंबर अधिकाधिक संख्या में बंद कराने पर जोर दिया। अपराधियों के सत्यापन से संबंधित कार्य शीघ्र पूरा कराने तथा बीट सूचनाओं पर उपनिरीक्षक, थाना प्रभारी और क्षेत्राधिकारी स्तर से आवश्यक टिप्पणी अंकित कराने के निर्देश भी दिए।
डीआईजी ने साइबर अपराध, जनशिकायत, मासिक समीक्षा, अपराध एवं अपराधियों की निगरानी से संबंधित विभिन्न ऑनलाइन प्रणालियों की नियमित निगरानी और आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने जनशिकायत समीक्षा पोर्टल, मुख्यमंत्री जनता दर्शन, रेंज कार्यालय की लंबित शिकायतों तथा अन्य उच्चस्तरीय शिकायत पोर्टलों पर प्राप्त प्रार्थना-पत्रों का गुणवत्तापूर्ण एवं शीघ्र निस्तारण कराने के निर्देश दिए।
उन्होंने अपराध एवं अपराधियों से संबंधित राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय प्रणालियों का नियमित उपयोग एवं अभिलेखों की अद्यतन प्रविष्टि सुनिश्चित कराने को कहा। सड़क दुर्घटनाओं की सभी घटनाओं की समय से प्रविष्टि कराने तथा सभी प्राथमिकी और संबंधित अभिलेखों को इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य प्रणाली से जोड़ने के निर्देश दिए। गैंगस्टर अधिनियम की धारा 14(1) तथा भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 107 के तहत संपत्ति जब्ती की कार्रवाई में तेजी लाने और अधिकाधिक धनराशि पर रोक लगाने को भी कहा गया।
मिशन शक्ति केंद्र अभियान के तहत विद्यालयों और महाविद्यालयों में जनजागरूकता कार्यक्रम चलाने, अपहृत एवं गुमशुदा लोगों की शत-प्रतिशत बरामदगी सुनिश्चित करने तथा 45 दिन से अधिक समय से लंबित मुकदमों और विवेचनाओं का शीघ्र निस्तारण कराने के निर्देश दिए गए।
डीआईजी ने विभागीय स्तर पर नियम 14(1) एवं 14(2) के तहत लंबित पत्रावलियों, प्रारंभिक जांच, मृतक आश्रितों को सेवायोजन तथा चिकित्सा प्रतिपूर्ति से संबंधित मामलों का शीघ्र निस्तारण कराने को कहा। गोपनीय शाखा के लंबित प्रकरणों को भी प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने बाल एवं किशोर श्रमिकों के चिन्हांकन, अवमुक्तिकरण एवं पुनर्वास के लिए चलाए जा रहे अभियान को प्रभावी बनाने, मिशन शक्ति अभियान को गति देने तथा अनफिट स्कूली वाहनों के विरुद्ध कार्रवाई करने को कहा। स्कूल वाहनों, रिक्शा और ई-रिक्शा के सत्यापन की कार्रवाई सुनिश्चित कराने तथा सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए संबंधित योजना के तहत प्रभावी कदम उठाने के निर्देश भी दिए।
गोष्ठी में पुलिस अधीक्षक बस्ती डॉ. यशवीर सिंह, पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थनगर डॉ. अभिषेक महाजन, पुलिस अधीक्षक संतकबीरनगर संदीप कुमार मीना तथा परिक्षेत्रीय कार्यालय के सभी शाखा प्रभारी मौजूद रहे।

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