वॉयस ऑफ बस्ती संवाददाता
गोरखपुर। पूर्वांचल में पोल्ट्री उद्योग के विकास को नई दिशा देने और किसानों, उद्यमियों, विशेषज्ञों, वैज्ञानिकों व नीति-निर्माताओं को साझा मंच उपलब्ध कराने के उद्देश्य से गोरखपुर में एक दिवसीय फर्स्ट पोल्ट्री कॉन्क्लेव का आयोजन किया गया। कॉन्क्लेव में पोल्ट्री क्षेत्र की वर्तमान स्थिति, आधुनिक तकनीक, वैज्ञानिक प्रबंधन, जैव-सुरक्षा, रोग नियंत्रण, गुणवत्तापूर्ण उत्पादन, विपणन, निवेश और रोजगार सृजन जैसे विषयों पर व्यापक चर्चा हुई।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि विधान परिषद सदस्य एवं प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. धर्मेंद्र सिंह ने कहा कि कृषि एवं पशुपालन के साथ पोल्ट्री उद्योग ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। आधुनिक तकनीक और बेहतर प्रबंधन अपनाकर किसानों व युवाओं के लिए रोजगार तथा स्वरोजगार के नए अवसर विकसित किए जा सकते हैं।
विशिष्ट अतिथि विधायक पिपराइच महेंद्र पाल और विधायक सहजनवा प्रदीप शुक्ला ने पूर्वांचल में पोल्ट्री उद्योग की संभावनाओं पर प्रकाश डालते हुए किसानों और युवाओं की आय बढ़ाने के लिए सामूहिक प्रयासों पर जोर दिया।
पशुपालन एवं डेयरी विभाग के अपर मुख्य सचिव मुकेश मेश्राम ने कहा कि पोल्ट्री क्षेत्र पोषण सुरक्षा के साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था और रोजगार के लिए भी महत्वपूर्ण है। वैज्ञानिक पद्धति, आधुनिक प्रबंधन और बेहतर बाजार व्यवस्था से इसे और मजबूत किया जा सकता है।
कॉन्क्लेव में विशेषज्ञों ने जैव-सुरक्षा, टीकाकरण, रोग नियंत्रण, संतुलित पोषण, हैचरी प्रबंधन और उत्पादन लागत कम करने पर विशेष जोर दिया। डॉ. पंकज कुमार शुक्ला सहित विशेषज्ञों ने प्रशिक्षण, अनुसंधान और तकनीकी मार्गदर्शन को आवश्यक बताया। आयोजन का समापन पोल्ट्री क्षेत्र के सतत विकास और पूर्वांचल को प्रमुख पोल्ट्री उत्पादन केंद्र बनाने के संकल्प के साथ हुआ।
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