वॉयस ऑफ बस्ती संवाददाता
कानपुर। आयुध निर्माणी, कानपुर में संविदा कर्मियों द्वारा प्रस्तावित हड़ताल और प्रदर्शन को क्षेत्रीय श्रम आयुक्त (केंद्रीय), कानपुर के समयबद्ध हस्तक्षेप और सुलह कार्यवाही के माध्यम से टाल दिया गया। निर्माणी में संविदा कर्मियों के जून और जुलाई 2026 के लंबित वेतन को लेकर विवाद चल रहा था। सुलह प्रक्रिया के बाद विवाद का समाधान कर लिया गया है।
आयुध निर्माणी, कानपुर एडवांस्ड वेपन्स एंड इक्विपमेंट इंडिया लिमिटेड के अंतर्गत संचालित है। औद्योगिक संबंध संहिता, 2020 के प्रावधानों के तहत आयोजित सुलह बैठकों में प्रबंधन, प्रधान नियोक्ता, ठेकेदार और श्रमिक प्रतिनिधियों ने भाग लिया। बैठकों में श्रमिकों की लंबित मजदूरी समेत विभिन्न शिकायतों पर विस्तार से चर्चा की गई।
क्षेत्रीय श्रम आयुक्त (केंद्रीय), कानपुर के हस्तक्षेप से सभी पक्षों के बीच सहमति बनी और लंबित मजदूरी के भुगतान की दिशा में प्रभावी कार्रवाई की गई। सुलह कार्यवाही के परिणामस्वरूप ठेकेदार मैसर्स इम्मेंस मैनपावर प्राइवेट लिमिटेड ने 13 अगस्त 2026 को करीब 50 लाख रुपये की लंबित मजदूरी का भुगतान कर दिया।
यह भुगतान कुल 423 संविदा कर्मियों को सीधे किया गया है। इसमें जून और जुलाई 2026 की लंबित मजदूरी शामिल है। मजदूरी का भुगतान होने के बाद श्रमिकों की लंबे समय से चली आ रही वेतन संबंधी शिकायत का समाधान हो गया है।
क्षेत्रीय श्रम आयुक्त (केंद्रीय), कानपुर के समयबद्ध हस्तक्षेप से जहां श्रमिकों को उनकी देय मजदूरी प्राप्त हुई, वहीं औद्योगिक प्रतिष्ठान में संभावित हड़ताल और प्रदर्शन की स्थिति भी टल गई। सुलह प्रक्रिया के माध्यम से प्रबंधन, ठेकेदार और श्रमिकों के बीच संवाद एवं समन्वय कायम कर विवाद का शांतिपूर्ण समाधान सुनिश्चित किया गया।
श्रम विभाग की इस पहल को औद्योगिक संबंधों में सौहार्द बनाए रखने और श्रमिकों के वैधानिक हितों की रक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

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