गोरखपुर। उत्तर प्रदेश आशा वर्कर्स यूनियन ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर 13 अगस्त को जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन और धरना देने की चेतावनी दी है। यूनियन ने मुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी तथा मुख्य चिकित्साधिकारी के माध्यम से भेजकर समस्याओं के शीघ्र समाधान की मांग की है।
यूनियन के अनुसार, 6 फरवरी 2026 को स्वास्थ्य मंत्री और यूनियन पदाधिकारियों के बीच हुए समझौते के बावजूद कई मांगों का अब तक समाधान नहीं हुआ है। आशा कार्यकर्ताओं ने मानदेय एवं प्रोत्साहन राशि के भुगतान में देरी, आयुष्मान कार्ड व अन्य योजनाओं की प्रोत्साहन राशि लंबित रहने तथा विभिन्न स्वास्थ्य अभियानों की प्रोत्साहन राशि का भुगतान न होने का मुद्दा उठाया है।
ज्ञापन में कहा गया है कि आशा कार्यकर्ताओं को समय से प्रोत्साहन राशि का भुगतान नहीं किया जा रहा है। इसके अलावा आयुष्मान कार्ड एवं आयुष्मान गोल्डन कार्ड से संबंधित वर्ष 2018 से लंबित भुगतान तथा अन्य योजनाओं की प्रोत्साहन राशि भी लंबित है।
यूनियन की प्रमुख मांगों में 6 फरवरी 2026 के समझौते के अनुसार आशा वर्कर्स को आधार भुगतान ₹10,000 तथा प्रोत्साहन राशि का भुगतान, आयुष्मान कार्ड एवं आशा आईडी में किए गए कार्यों की प्रोत्साहन राशि का पूर्ण भुगतान, पोलियो, फाइलेरिया, दस्तक एवं संचारी अभियान की प्रोत्साहन राशि को पुनरीक्षित कर दैनिक ₹750 निर्धारित करना शामिल है।
इसके साथ ही विगत वर्षों की लंबित प्रोत्साहन राशि का तत्काल भुगतान, क्लस्टर चिकित्सा राशि के अतिरिक्त ₹5 लाख तथा चिकित्सा बीमा और दुर्घटना बीमा राशि को बढ़ाकर ₹10 लाख करने, छह माह का मातृत्व अवकाश अनुमन्य करने और जॉइंट स्टॉक कमेटी का गठन करने की मांग की गई है।
यूनियन ने चेतावनी दी है कि यदि मांगों पर शीघ्र सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई तो 13 अगस्त को जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन एवं धरना दिया जाएगा। संगठन ने शासन-प्रशासन से वार्ता कर समस्याओं का त्वरित समाधान कराने की मांग की है।

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