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Monday, July 6, 2026

संघर्ष की तपिश में तपकर ज्ञान का दीप बने-आर.के. मेहतो


साहित्य और शिक्षा की दुनिया में कुछ व्यक्तित्व ऐसे होते हैं, जिनकी पहचान केवल उपलब्धियों से नहीं, बल्कि संघर्षों की अग्नि में तपकर प्राप्त किए गए व्यक्तित्व से होती है। ऐसे ही प्रेरणादायी शिक्षक हैं आर.के. मेहतो जिन्होंने अभावों को अपनी कमजोरी नहीं, बल्कि सफलता की सीढ़ी बनाया।


मुजफ्फरपुर जिले के युवा साहित्यकार कुमार संदीप ने इनके विषय में बताते हुए कहा कि 15 अप्रैल 1994 को बिहार के मधुबनी जिले के झंझारपुर की साधारण धरती पर जन्मे आर.के. मेहतो सर का जीवन संघर्ष, धैर्य, आत्मविश्वास और सतत परिश्रम का जीवंत दस्तावेज़ है। बचपन से ही विपरीत परिस्थितियों ने उन्हें जिम्मेदारियों का अर्थ सिखा दिया। आर्थिक तंगी, पिता की अस्वस्थता और परिवार की जिम्मेदारियों के बीच उन्होंने मजदूरी की, छोटे-बड़े अनेक कार्य किए और जीवन की कठोर वास्तविकताओं का सामना किया।

जिस अंग्रेज़ी विषय में वे कभी दसवीं कक्षा में असफल हुए थे, उसी विषय को उन्होंने अपनी साधना बना लिया। समाज के तानों को प्रेरणा में बदलकर उन्होंने स्वयं को इस प्रकार निखारा कि आज वे हजारों विद्यार्थियों के प्रिय अंग्रेज़ी शिक्षक के रूप में प्रतिष्ठित हैं। उनका जीवन इस सत्य का प्रमाण है कि असफलता अंत नहीं, बल्कि सफलता की नई शुरुआत होती है।

दिल्ली विश्वविद्यालय से उच्च शिक्षा प्राप्त करने के दौरान उन्होंने दिन-रात अथक परिश्रम किया। पढ़ाई, शिक्षण और आत्म-अध्ययन को संतुलित करते हुए उन्होंने अपने ज्ञान को निरंतर समृद्ध किया। आज वे देश के प्रतिष्ठित शैक्षणिक मंच "Rojgar with Ankit" पर अंग्रेज़ी विषय के लोकप्रिय शिक्षकों में गिने जाते हैं और अपने सरल, प्रभावशाली एवं प्रेरक शिक्षण से विद्यार्थियों के सपनों को नई उड़ान दे रहे हैं।

आर.के. मेहतो सर केवल अंग्रेज़ी नहीं पढ़ाते, बल्कि विद्यार्थियों के भीतर आत्मविश्वास, अनुशासन और संघर्ष करने का साहस भी जगाते हैं। उनकी सफलता इस बात का संदेश देती है कि कठिन परिस्थितियाँ व्यक्ति की मंज़िल नहीं रोक सकतीं, यदि उसके भीतर सीखने का जुनून और आगे बढ़ने का संकल्प जीवित हो।

वे आज असंख्य युवाओं के लिए केवल एक शिक्षक नहीं, बल्कि संघर्ष से सफलता तक की प्रेरक यात्रा के जीवंत प्रतीक हैं। माँ सरस्वती की कृपा उन पर सदैव बनी रहे और वे अपने ज्ञान, संस्कार तथा प्रेरणा से आने वाली पीढ़ियों का मार्ग इसी प्रकार आलोकित करते रहें-यही शुभकामना है।

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