गोरखपुर। राजस्व विभाग में आधुनिक तकनीक के उपयोग को बढ़ावा देते हुए मंडलायुक्त अनिल ढींगरा ने बुधवार को तहसील सदर के जंगल औराही गांव में रोवर (Rover) उपकरण के माध्यम से चक संख्या-306 की पैमाइश का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उनके साथ तहसीलदार/डिप्टी कलेक्टर ज्ञान प्रताप सिंह भी मौजूद रहे।
निरीक्षण के दौरान बताया गया कि राजस्व परिषद उत्तर प्रदेश द्वारा प्रदेश की सभी तहसीलों को रोवर उपकरण उपलब्ध कराया गया है, जिससे भूमि पैमाइश का कार्य पहले की अपेक्षा अधिक सरल, तेज और शत-प्रतिशत सटीक हो गया है। इस तकनीक में पैमाइश से पहले एक फिक्स प्वाइंट स्थापित किया जाता है, जो सैटेलाइट के माध्यम से अक्षांश एवं देशांतर निर्धारित कर पूरे चक की पैमाइश अभिलेखों में दर्ज रकबे और नक्शे के अनुरूप करता है।
अधिकारियों ने बताया कि रोवर तकनीक की विशेषता यह है कि पैमाइश के दौरान बीच में पेड़, इमारत, जलभराव या ऊबड़-खाबड़ भूमि जैसी बाधाओं का परिणाम पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता। साथ ही पैमाइश का पूरा डिजिटल डाटा कंप्यूटर में सुरक्षित रहता है, जिसका भविष्य में उसी गांव के अन्य खेतों की पैमाइश में भी आधार के रूप में उपयोग किया जा सकता है।
मंडलायुक्त अनिल ढींगरा ने रोवर उपकरण की कार्यप्रणाली और सभी फीचर्स का बारीकी से अवलोकन किया तथा राजस्व अधिकारियों को इसके अधिकतम उपयोग के निर्देश दिए। उन्होंने मौके पर मौजूद राजस्व कर्मियों को उपकरण के संचालन में पूर्ण दक्षता हासिल करने पर भी जोर दिया।
निरीक्षण के दौरान नायब तहसीलदार सदर देवेन्द्र यादव, राजस्व निरीक्षक विनय श्रीवास्तव सहित अन्य राजस्व कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।

No comments:
Post a Comment