बस्ती। प्रदेश सरकार की एक जनपद एक उत्पाद (ओडीओपी) प्रशिक्षण एवं टूलकिट योजना जनपद बस्ती में हथकरघा उत्पादों से जुड़े युवाओं और कारीगरों के लिए स्वरोजगार का मजबूत माध्यम बन रही है। योजना के तहत चयनित लाभार्थियों को 10 दिवसीय निःशुल्क तकनीकी एवं उद्यमिता विकास प्रशिक्षण के साथ आधुनिक टूलकिट उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे वे आत्मनिर्भर बनकर अपना रोजगार स्थापित कर सकें।
योजना के अंतर्गत प्रशिक्षण के दौरान उत्पाद निर्माण की आधुनिक तकनीक, गुणवत्ता सुधार, डिज़ाइन विकास, पैकेजिंग, विपणन तथा उद्यम संचालन की जानकारी दी जाती है। प्रशिक्षण पूरा होने के बाद लाभार्थियों को उन्नत टूलकिट प्रदान की जाती है, जिससे वे अपने कौशल का बेहतर उपयोग कर सकें।
वित्तीय वर्ष 2024-25 एवं 2025-26 में जनपद बस्ती के 850 लाभार्थियों को इस योजना के तहत प्रशिक्षण एवं टूलकिट का लाभ मिला है। आधुनिक उपकरणों और नई तकनीकों के प्रयोग से प्रशिक्षित युवा एवं पारंपरिक बुनकर परिवार अपनी उत्पादन क्षमता और आय बढ़ाने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में तकनीकी दक्षता के साथ उद्यमिता विकास पर भी विशेष जोर दिया जाता है। लाभार्थियों को व्यवसाय की योजना तैयार करने, लागत प्रबंधन, बाजार की मांग के अनुरूप उत्पादन, डिजिटल मार्केटिंग तथा विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ लेने की जानकारी भी दी जाती है, ताकि वे सफल उद्यमी बन सकें।
योजना का उद्देश्य हथकरघा उत्पादों की संपूर्ण मूल्य श्रृंखला के लिए कुशल मानव संसाधन तैयार करना है। इससे स्थानीय उत्पादों की गुणवत्ता और प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता बढ़ रही है। आधुनिक तकनीक और बेहतर उपकरणों के उपयोग से उत्पादन में वृद्धि होने के साथ पारंपरिक शिल्प को भी नई पहचान मिल रही है।
जनपद बस्ती में योजना के सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। प्रशिक्षित लाभार्थी स्वयं रोजगार स्थापित करने के साथ अन्य लोगों के लिए भी रोजगार के अवसर सृजित कर रहे हैं। सरकार की यह पहल स्थानीय हथकरघा एवं हस्तशिल्प उद्योग को नई ऊर्जा देने के साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती प्रदान कर रही है।

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