वॉयस ऑफ बस्ती संवाददाता
बस्ती। जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों को लेकर सांसद कंगना रनौत की कथित टिप्पणी पर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। बस्ती के वरिष्ठ कांग्रेसी नेता एवं मछुवारा कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष राजबहादुर निषाद ने कंगना रनौत के बयान की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि उनके बयानों को अब कोई गंभीरता से नहीं लेता। उन्होंने कहा कि छात्रों के प्रदर्शन को पूरे देश और दुनिया ने गंभीरता से लिया, जिसके चलते सरकार पर दबाव बना और शिक्षा मंत्री तक को इस्तीफा देना पड़ा। उन्होंने कहा कि भाजपा अब युवाओं के बीच अपनी छवि सुधारने और डैमेज कंट्रोल के लिए विभिन्न कार्यक्रम आयोजित कर रही है, लेकिन कंगना रनौत के बयान पार्टी के प्रयासों पर ही पानी फेर रहे हैं।
राजबहादुर निषाद ने कहा कि युवाओं की ताकत और लोकतंत्र में मिले अधिकारों का सम्मान होना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि मोदी सरकार ने जिस राजनीतिक परंपरा की शुरुआत की थी, अब युवा उसी भाषा में सरकार से जवाब मांग रहे हैं। उनका कहना था कि अब युवाओं की आवाज दबाई नहीं जा सकती और सरकार को हर मुद्दे पर जवाबदेह होना होगा।
जिला सचिव सीमा निषाद ने भी सांसद कंगना रनौत पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें यह समझना चाहिए कि उन्होंने चुनाव अपनी लोकप्रियता से अधिक ग्लैमर के आधार पर जीता है। उन्होंने कहा कि वर्षों से उपेक्षित युवा अब अपने अधिकारों के लिए जाग चुके हैं और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांगें उठा रहे हैं।
सीमा निषाद ने आरोप लगाया कि जब सरकार मनमानी पर उतर आती है तो लोकतांत्रिक मूल्य कमजोर पड़ जाते हैं, पारदर्शिता समाप्त होने लगती है और न्याय व्यवस्था पर भी सवाल खड़े होते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे हालात में हर दौर में युवा सड़क पर उतरते रहे हैं और वर्तमान समय भी इसका अपवाद नहीं है। साथ ही उन्होंने भाजपा नेताओं की पूर्व की विवादित टिप्पणियों का उल्लेख करते हुए कहा कि भाषा पर आपत्ति जताने से पहले भाजपा को अपने नेताओं के बयानों पर भी आत्ममंथन करना चाहिए।
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