बस्ती। जिला ग्रामोद्योग कार्यालय के तत्वावधान में उत्तर प्रदेश माटीकला बोर्ड स्थापना पखवाड़ा के अंतर्गत एक दिवसीय माटीकला जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन जिला पंचायत अध्यक्ष संजय चौधरी की अध्यक्षता में हुआ। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में माटीकला से जुड़े कारीगरों, कुम्हार/प्रजापति समाज के लोगों तथा अन्य प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ परिक्षेत्रीय ग्रामोद्योग अधिकारी आनंद शुक्ला ने अतिथियों का बुके एवं अंगवस्त्र भेंट कर स्वागत करते हुए किया। उन्होंने विभाग द्वारा संचालित रोजगारपरक योजनाओं और माटीकला बोर्ड के उद्देश्यों की विस्तृत जानकारी दी।
मुख्य अतिथि संजय चौधरी ने कहा कि माटीकला भारतीय संस्कृति और ग्रामीण अर्थव्यवस्था की महत्वपूर्ण धरोहर है। उन्होंने कारीगरों से अपने पारंपरिक हुनर को आधुनिक स्वरूप देकर आगे बढ़ाने और सरकार की स्वरोजगार योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ लेने का आह्वान किया। उन्होंने माटीकला उत्पादों के विकास और विपणन को बढ़ावा देने के लिए चलाए जा रहे सरकारी प्रयासों की सराहना की।
लीड बैंक कार्यालय के अधिकारियों ने विभाग के जागरूकता अभियान की प्रशंसा करते हुए कुम्हार एवं प्रजापति समाज के लोगों को योजनाओं से जुड़कर आर्थिक रूप से सशक्त बनने के लिए प्रेरित किया। मुख्य प्रबंधक, मार्गदर्शी बैंक कार्यालय ने बैंक ऋण प्राप्त करने की प्रक्रिया की जानकारी दी।
मुख्यमंत्री माटीकला रोजगार योजना के तहत 5 लाख का ऋण लेकर उद्योग स्थापित करने वाले शिव कुमार प्रजापति ने अपने अनुभव साझा करते हुए स्वरोजगार स्थापना की प्रक्रिया से प्रतिभागियों को अवगत कराया। वहीं राष्ट्रीय स्तर पर पुरस्कृत फाइन आर्ट विशेषज्ञ एवं कला-शिल्प प्रशिक्षक आलोक शुक्ल ने माटीकला उत्पादों की उपयोगिता, गुणवत्ता और बाजार की संभावनाओं पर प्रकाश डाला।
कार्यक्रम में माटीकला क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले उद्यमियों को सम्मानित भी किया गया। अंत में जिला ग्रामोद्योग अधिकारी गंगाधर दुबे ने सभी अतिथियों का आभार व्यक्त करते हुए माटीकला उद्यमियों से अपने पारंपरिक व्यवसाय को आधुनिक तकनीक के साथ आगे बढ़ाने और उत्तर प्रदेश माटीकला बोर्ड की योजनाओं का लाभ उठाकर अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत करने का आह्वान किया।

No comments:
Post a Comment