बस्ती। जिले के गौर थाना क्षेत्र में पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। टिनिच चौकी प्रभारी वीरेंद्र कुमार कुंवर पर एक 65 वर्षीय बुजुर्ग ने गाली-गलौज और मारपीट का आरोप लगाया है। पीड़ित ने पुलिस अधीक्षक डॉ. यशवीर सिंह से मिलकर पूरे प्रकरण की शिकायत की है, जिस पर एसपी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
जानकारी के अनुसार, घुरहूपुर गांव निवासी 65 वर्षीय हंसराज अपने गाटा संख्या 706 स्थित मकान पर छत का निर्माण करा रहे थे। इसी दौरान उनकी पड़ोसी जनक दुलारी ने निर्माण कार्य का विरोध करते हुए पुलिस से शिकायत की। बताया गया कि जनक दुलारी ने गाटा संख्या 705 और 707 को लेकर न्यायालय से स्थगन आदेश (स्टे) प्राप्त कर रखा है।
शिकायत मिलने पर टिनिच चौकी प्रभारी मौके पर पहुंचे और हंसराज समेत उनके परिवार के तीन लोगों को चौकी ले आए। हंसराज का आरोप है कि उन्होंने चौकी प्रभारी को जमीन से संबंधित सभी अभिलेख दिखाए, जिनमें स्पष्ट था कि गाटा संख्या 706 पर कोई स्थगन आदेश नहीं है। इसके बावजूद पुलिस ने निर्माण कार्य रुकवा दिया।
पीड़ित का आरोप है कि जब उन्होंने निर्माण कार्य रुकवाने का कारण पूछा तो चौकी प्रभारी ने उनके साथ गाली-गलौज की और चौकी के भीतर उनकी पिटाई कर दी। इसके बाद हंसराज समेत तीन लोगों का शांति भंग की आशंका में चालान कर दिया गया। बाद में उपजिलाधिकारी भानपुर सत्येंद्र सिंह ने तीनों को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया।
हंसराज का कहना है कि उन्होंने पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के समक्ष अपने सभी दस्तावेज प्रस्तुत किए, लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं हुई। उन्होंने चौकी प्रभारी पर अभद्र व्यवहार और मारपीट का आरोप लगाते हुए पुलिस अधीक्षक से न्याय की गुहार लगाई है।
इस पूरे प्रकरण में सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि जब गाटा संख्या 706 को लेकर न्यायालय का कोई स्थगन आदेश नहीं था, तो आखिर किस नियम और आधार पर पुलिस एवं प्रशासन ने निर्माण कार्य रुकवाते हुए संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की।

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