बस्ती। मेधा पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता दीनदयाल तिवारी के नेतृत्व में बुधवार को पार्टी पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं, छात्रों और नौजवानों ने शिक्षा के बाजारीकरण, पेपर लीक और यूजीसी रेगुलेशन-2026 की वापसी सहित विभिन्न मांगों को लेकर जिलाधिकारी कार्यालय पर प्रदर्शन किया। इसके बाद प्रशासनिक अधिकारी के माध्यम से प्रधानमंत्री को 9 सूत्रीय ज्ञापन भेजा गया।
ज्ञापन सौंपने के बाद दीनदयाल तिवारी ने कहा कि मेधा पार्टी शिक्षा के बाजारीकरण, पेपर लीक, फीस भरपाई और वजीफा जैसे मुद्दों को लेकर लगातार संघर्ष कर रही है। उन्होंने कहा कि समस्याओं के समाधान तक पार्टी का चरणबद्ध आंदोलन जारी रहेगा।
प्रधानमंत्री को भेजे गए ज्ञापन में पेपर लीक करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई कर सभी परीक्षाएं सरकारी संस्थानों से कराए जाने, यूजीसी रेगुलेशन-2026 को वापस लेने, विश्वविद्यालयों को विषाक्त वातावरण से सुरक्षित रखने, दशमोत्तर कक्षाओं में फीस भरपाई एवं वजीफा की शत-प्रतिशत सुविधा उपलब्ध कराने, फर्जी एससी-एसटी एक्ट के मुकदमों की समीक्षा, अनुसूचित जाति एवं जनजाति के बच्चों को प्राथमिक से लेकर उच्च कक्षाओं तक शून्य फीस पर शिक्षा उपलब्ध कराने तथा गरीब परिवारों के बच्चों का निजी विद्यालयों में प्रवेश सुनिश्चित करने की मांग की गई है।
इसके अलावा एक देश-एक समान पाठ्यक्रम लागू करने, निजी विद्यालयों में किताब, कॉपी, ड्रेस, जूता-मोजा आदि में कथित कमीशनखोरी पर रोक लगाने, आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों के लिए उच्च शिक्षा सुलभ बनाने और बिहार के भोजपुर स्थित बेलौटी में हुए भरत भूषण तिवारी हत्याकांड के दोषी पुलिसकर्मियों की गिरफ्तारी कर कड़ी सजा दिलाने की मांग भी ज्ञापन में शामिल है।
इस दौरान राहुल तिवारी, संजय प्रधान, कैलाश शर्मा, रूद्र आदर्श पाण्डेय, रामरीका पाण्डेय, घनश्याम मिश्र, अरविन्द तिवारी, सूर्यकान्त तिवारी, राजेश मिश्र, अंशू चौरसिया, गौरवमणि तिवारी, विवेक पाल, गिरीश चन्द्र गिरी सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और छात्र उपस्थित रहे।

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