वॉयस ऑफ बस्ती संवाददाता
बस्ती। प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (पीएमईजीपी) के प्रभावी क्रियान्वयन से जनपद बस्ती में स्वरोजगार और उद्यमिता को नई गति मिली है। योगी सरकार के नेतृत्व में संचालित इस योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2024-25 में जिले के 68 लाभार्थियों को कुल 5 करोड़ 68 लाख 80 हजार रुपये का बैंक ऋण उपलब्ध कराया गया, जिससे अनेक नए उद्योग एवं सेवा आधारित उद्यम स्थापित हुए हैं।
प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ाना तथा युवाओं, महिलाओं, कारीगरों और इच्छुक उद्यमियों को स्वयं का व्यवसाय स्थापित करने के लिए आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना है। योजना के अंतर्गत उद्योग (विनिर्माण) क्षेत्र में अधिकतम 50 लाख रुपये तथा सेवा क्षेत्र में 20 लाख रुपये तक की परियोजनाओं के लिए बैंक ऋण उपलब्ध कराया जाता है। पात्र लाभार्थियों को परियोजना लागत के अनुसार मार्जिन मनी (अनुदान) का लाभ भी दिया जाता है।
जिले में इस योजना के माध्यम से खाद्य प्रसंस्करण, हस्तशिल्प, रेडीमेड वस्त्र, फर्नीचर निर्माण, मोबाइल रिपेयरिंग, डेयरी, ब्यूटी पार्लर, मरम्मत केंद्र तथा अन्य स्वरोजगार आधारित इकाइयों की स्थापना हुई है। इससे लाभार्थियों की आय बढ़ने के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी सृजित हुए हैं।
योजना की एक महत्वपूर्ण विशेषता उद्यमिता विकास प्रशिक्षण है, जिसके माध्यम से लाभार्थियों को व्यवसाय संचालन, वित्तीय प्रबंधन, विपणन, गुणवत्ता नियंत्रण तथा बैंकिंग प्रक्रियाओं की जानकारी दी जाती है। इससे नए उद्यमियों को अपना व्यवसाय सफलतापूर्वक संचालित करने में सहायता मिलती है।
जनपद प्रशासन और संबंधित विभाग पात्र अभ्यर्थियों को योजना की जानकारी देने, आवेदन प्रक्रिया को सरल बनाने तथा बैंकों के साथ समन्वय स्थापित कर ऋण स्वीकृति एवं वितरण की प्रक्रिया को तेज करने में जुटे हैं। अधिकारियों का मानना है कि योजना के व्यापक प्रचार-प्रसार और प्रभावी क्रियान्वयन से आने वाले समय में जिले में उद्यमिता को और बढ़ावा मिलेगा तथा स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई मजबूती प्राप्त होगी।
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