बस्ती। विद्यालयों में बुनियादी साक्षरता एवं संख्यात्मक ज्ञान (एफएलएन) को प्रभावी ढंग से लागू करने के उद्देश्य से मंगलवार को सदर विकास क्षेत्र के बीआरसी डिलिया में पांच दिवसीय एफएलएन शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। कार्यक्रम का उद्घाटन डायट प्राचार्य संजय शुक्ल ने मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलित कर किया।
प्रशिक्षण कार्यक्रम 21 जुलाई से 31 अगस्त तक छह चरणों में आयोजित किया जाएगा। इस दौरान जनपद के कुल 596 शिक्षक एवं शिक्षामित्र प्रशिक्षण प्राप्त करेंगे। प्रशिक्षण में गतिविधि आधारित शिक्षण, बाल-केंद्रित शिक्षण पद्धति, भाषा एवं गणितीय दक्षता विकसित करने की आधुनिक तकनीकों पर विशेष रूप से जोर दिया जाएगा।
डायट प्राचार्य संजय शुक्ल ने कहा कि एफएलएन प्रशिक्षण का उद्देश्य प्रत्येक बच्चे को उसकी कक्षा के अनुरूप भाषा एवं गणित की बुनियादी दक्षताओं से सशक्त बनाना है। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण के दौरान शिक्षकों को नवाचारी एवं गतिविधि आधारित शिक्षण तकनीकों से परिचित कराया जा रहा है, ताकि वे इन्हें कक्षा में प्रभावी ढंग से लागू कर विद्यार्थियों के सीखने के स्तर में गुणात्मक सुधार ला सकें।
खंड शिक्षा अधिकारी विनोद कुमार त्रिपाठी ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप यह प्रशिक्षण शिक्षकों की क्षमता विकसित करने के साथ-साथ बच्चों की आधारभूत सीखने की क्षमता को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
डायट प्रवक्ता अलीउद्दीन खान ने कहा कि प्रशिक्षण का उद्देश्य केवल शिक्षकों को प्रशिक्षित करना नहीं, बल्कि प्रत्येक बच्चे तक गुणवत्तापूर्ण, आनंददायक और प्रभावी शिक्षा पहुंचाना है। वहीं एआरपी प्रदीप गुप्ता ने प्रशिक्षण के पांचों दिनों की विस्तृत रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए प्रशिक्षण की विषयवस्तु एवं उद्देश्यों की जानकारी दी।
कार्यक्रम का संचालन सर्वेष्ट मिश्र ने किया। इस अवसर पर एआरपी शैलेश मिश्र, शिव प्रसाद, रुक्मिणी मिश्रा, सर्वेंद्र पाण्डेय, राजेश गिरी सहित बड़ी संख्या में शिक्षक एवं शिक्षामित्र उपस्थित रहे।

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