वॉयस ऑफ बस्ती संवाददाता
बस्ती। ग्रामीण आबादी क्षेत्रों में संपत्ति अधिकारों को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से संचालित स्वामित्व योजना के तहत उत्तर प्रदेश ने उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। 13 जुलाई 2026 तक राज्य के सभी 90,573 अधिसूचित गांवों में ड्रोन सर्वेक्षण का कार्य पूरा कर लिया गया है। इसके साथ ही प्रदेश के लगभग 67 हजार गांवों में 1.01 करोड़ संपत्ति कार्ड ग्रामीणों को वितरित किए जा चुके हैं।
केंद्र सरकार के अनुसार, इसी अवधि तक उत्तर प्रदेश के लगभग 75 हजार गांवों को कवर करते हुए करीब 1.20 करोड़ संपत्ति कार्ड तैयार किए जा चुके हैं, जो राज्य के अधिसूचित गांवों का लगभग 83 प्रतिशत है। शेष गांवों में कार्य पूरा करने और योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए स्वामित्व योजना की अवधि सितंबर 2026 तक बढ़ा दी गई है।
स्वामित्व योजना का उद्देश्य ग्रामीण आबादी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को उनकी संपत्तियों का अधिकार अभिलेख उपलब्ध कराना है। इसके लिए अत्याधुनिक ड्रोन तकनीक और कंटीन्यूअस ऑपरेटिंग रेफरेंस स्टेशन (सीओआरएस) तकनीक के माध्यम से संपत्तियों का सटीक सर्वेक्षण, मानचित्रण और सीमांकन किया जा रहा है।
योजना के तहत संपत्ति कार्ड जारी करने से पहले संबंधित राज्य प्राधिकरणों द्वारा स्थलीय सत्यापन कराया जाता है। प्राप्त आपत्तियों और विवादों का नियमानुसार निस्तारण करने के बाद ही संपत्ति कार्ड जारी किए जाते हैं। इससे संपत्तियों के सीमांकन में पारदर्शिता बढ़ी है और भविष्य में भूमि संबंधी विवादों में कमी आने की संभावना है।
केंद्रीय पंचायती राज तथा मत्स्य, पशुपालन एवं डेयरी मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह ने मंगलवार को लोकसभा में एक लिखित उत्तर के माध्यम से यह जानकारी दी।

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