महादेवा (बस्ती)। भीषण गर्मी के बीच क्षेत्र के विभिन्न बाजारों में पैक्ड पेय पदार्थों की खुलेआम कालाबाजारी और अधिक कीमत वसूली का मामला सामने आया है। महादेवा, लालगंज, बनकटी, दईसांड, रौतापार, पाकड़डांड, महसो सहित आसपास के बाजारों में कोल्ड ड्रिंक, मिनरल वाटर एवं अन्य पैकेज्ड पेय पदार्थों को निर्धारित प्रिंट मूल्य (एमआरपी) से अधिक दरों पर बेचे जाने के आरोप लगे हैं। इससे उपभोक्ताओं में आक्रोश व्याप्त है और प्रशासन की कार्यशैली पर भी सवाल उठ रहे हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि दुकानदार गर्मी और बढ़ती मांग का फायदा उठाकर ग्राहकों से प्रति बोतल कई रुपये अतिरिक्त वसूल रहे हैं। एमआरपी पर सामान देने की मांग करने पर कई जगह दुकानदार बहस करने लगते हैं या सामान देने से इनकार कर देते हैं।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि लिम्का, थम्स अप, स्प्राइट, कोका-कोला, माजा, फैंटा, किन्ले सहित विभिन्न ब्रांडों के पेय पदार्थों पर खुलेआम अधिक मूल्य लिया जा रहा है। दुकानदार अतिरिक्त राशि वसूलने के लिए ठंडा रखने, बिजली खर्च और परिवहन लागत जैसे तर्क दे रहे हैं, जबकि उपभोक्ता संरक्षण नियमों के अनुसार पैकेज्ड वस्तुओं को एमआरपी से अधिक कीमत पर बेचना पूरी तरह अवैध है।
यह स्थिति लंबे समय से बनी हुई है, लेकिन संबंधित विभागों की निष्क्रियता के कारण कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो पा रही है। उपभोक्ताओं का कहना है कि शिकायत के बावजूद प्रभावी जांच न होने से दुकानदारों के हौसले बुलंद हैं।
कई उपभोक्ताओं ने बताया कि अधिक कीमत का विरोध करने पर अभद्र व्यवहार की घटनाएं भी सामने आ चुकी हैं, जिससे कई बार बाजारों में विवाद की स्थिति उत्पन्न हो जाती है।
क्षेत्रीय नागरिकों ने जिला प्रशासन, बाट-माप विभाग एवं खाद्य सुरक्षा विभाग से मांग की है कि बाजारों में विशेष जांच अभियान चलाकर औचक निरीक्षण किया जाए। साथ ही एमआरपी से अधिक मूल्य वसूलने वाले दुकानदारों पर सख्त कार्रवाई कर जुर्माना लगाया जाए, ताकि उपभोक्ताओं के अधिकारों की रक्षा हो सके और बाजार में पारदर्शिता बनी रहे।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से जल्द कार्रवाई की उम्मीद जताई है, ताकि इस तरह की मनमानी पर रोक लग सके और उपभोक्ताओं का शोषण समाप्त हो सके।

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