गोरखपुर। राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद, गोरखपुर का एक प्रतिनिधिमंडल आज जिला विकास अधिकारी सतीश सिंह से मिला और गोला विकास खंड के दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी अशोक कुमार शर्मा की सेवा बहाली से जुड़े 35 वर्षों से लंबित प्रकरण पर गंभीर चर्चा करते हुए ज्ञापन सौंपा।
प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि वर्ष 1989 में नियुक्त हुए अशोक कुमार शर्मा को लगभग डेढ़ वर्ष की सेवा के बाद सेवा से पृथक कर दिया गया था, जिसके बाद से वे लगातार अपनी सेवा बहाली के लिए प्रयासरत हैं। परिषद ने इस प्रकरण को मानवीय और न्यायिक दृष्टिकोण से शीघ्र निस्तारण योग्य बताया।
जिला विकास अधिकारी सतीश सिंह ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कहा कि यह एक अत्यंत पुराना प्रकरण है, जिसके सभी अभिलेखों का विस्तृत अध्ययन आवश्यक है। उन्होंने आश्वस्त किया कि प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर नियमानुसार उचित निर्णय लिया जाएगा तथा पीड़ित कर्मचारी को न्याय दिलाने का हर संभव प्रयास किया जाएगा।
परिषद पदाधिकारियों ने अवगत कराया कि इस मामले में पूर्व में भी विभिन्न स्तरों पर पत्राचार हुआ है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने सांसद कार्यकाल के दौरान भी कर्मचारी के समर्थन में पत्राचार किया था। साथ ही मुख्यमंत्री जनता दर्शन में भी प्रकरण रखा गया, जिस पर आश्वासन प्राप्त हुआ था।
मुख्यमंत्री कार्यालय के पोर्टल पर दर्ज शिकायत की जांच उपनिदेशक, पंचायती राज द्वारा कराई गई थी, जिसमें जिला विकास अधिकारी से समन्वय स्थापित करने की सलाह दी गई थी। इसी क्रम में परिषद का प्रतिनिधिमंडल आज जिला विकास अधिकारी से मिला।
इस अवसर पर परिषद के अध्यक्ष रूपेश कुमार श्रीवास्तव, मदन मुरारी शुक्ल, गोविंद, अखण्ड प्रताप सिंह, अनूप कुमार, इजहार अली एवं पीड़ित कर्मचारी अशोक कुमार शर्मा उपस्थित रहे।

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