गोरखपुर। 45 यूपी बटालियन एनसीसी द्वारा केंद्रीय विद्यालय संख्या-2, उनौला में आयोजित वार्षिक प्रशिक्षण शिविर के दूसरे चरण में गुरुवार को राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की टीम ने कैडेट्स को आपदा प्रबंधन एवं राहत-बचाव कार्यों का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया। प्रशिक्षण में बाढ़, भूकंप, चक्रवात, अग्निकांड, भवन ध्वस्त होने जैसी प्राकृतिक एवं मानवजनित आपदाओं के दौरान बचाव की तकनीकों का प्रदर्शन किया गया।
एनडीआरएफ के डिप्टी कमांडेंट अनिल पाल के नेतृत्व में पहुंचे दल ने कैडेट्स को आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित प्रतिक्रिया, प्राथमिक उपचार तथा प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने के तरीकों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि आपदा प्रबंधन अधिनियम-2005 के तहत गठित एनडीआरएफ आधुनिक उपकरणों एवं विशेष प्रशिक्षण से लैस है और देशभर में राहत एवं बचाव कार्यों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
डिप्टी कैंप कमांडेंट लेफ्टिनेंट कर्नल अमित कुमार सिंह के निर्देशन में आयोजित कार्यक्रम में सूबेदार मेजर राकेश कुमार, सूबेदार अरविंद कुमार, विश्वनाथ पुरी, सूबेदार आलोक कुमार, दयानंद, दिग्विजय कुमार सिंह, मनोरंजन त्रिपाठी, मनोज कुमार, गंगेश्वर दुबे, संतोष सिंह सहित बड़ी संख्या में सैन्य अधिकारी, एनसीसी स्टाफ एवं कैडेट्स मौजूद रहे।
इस अवसर पर कैंप कमांडेंट एवं कमान अधिकारी कर्नल जयवीर सिंह ने कहा कि प्राकृतिक आपदाओं के समय एनडीआरएफ राहत एवं बचाव का सबसे प्रभावी माध्यम है। ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम कैडेट्स में अनुशासन, नेतृत्व क्षमता और आपदा प्रबंधन के प्रति जागरूकता विकसित करते हैं, जिससे वे भविष्य में समाज और राष्ट्र की सेवा में अहम भूमिका निभा सकें।

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