गोरखपुर। पूर्वांचल भागीदारी संकल्प मोर्चा ने मंगलवार को गोरखपुर जिलाधिकारी कार्यालय पर प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन सौंपकर जनहित और पूर्वांचल के विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों को उठाया। मोर्चा के नेताओं ने कहा कि जनता को आर्थिक एवं राजनीतिक शोषण से मुक्ति दिलाने के लिए वैकल्पिक राजनीतिक व्यवस्था को मजबूत करना आवश्यक है।
मोर्चा के मुख्य नेतृत्वकर्ता राजन सिंह सूर्यवंशी (राष्ट्रीय अध्यक्ष, भारतीय अपना समाज पार्टी) एवं वी.एन. सिंह चौहान (संस्थापक अध्यक्ष, सत्य क्रांति पार्टी) के नेतृत्व में सौंपे गए ज्ञापन में सात प्रमुख मांगें रखी गईं। इनमें गोरखपुर में निर्माणाधीन स्टेडियम का नाम 1857 के महान क्रांतिकारी वीर सम्राट राजा उदित नारायण सिंह के नाम पर रखने, पूर्वांचल को अलग राज्य का दर्जा देने, चिटफंड कंपनियों में फंसी निवेशकों की पूंजी का भुगतान कराने, निजी नर्सिंग होमों की मनमानी पर रोक लगाने, किसानों को समय पर खाद-बीज उपलब्ध कराने तथा खाद निःशुल्क देने, निजी विद्यालयों की फीस पर नियंत्रण लगाने और देश को भ्रष्टाचार मुक्त बनाने की मांग शामिल है।
इस अवसर पर आयोजित सभा को संबोधित करते हुए नेताओं ने कहा कि यदि इन जनहितकारी मांगों पर शीघ्र सकारात्मक कार्रवाई नहीं की गई तो मोर्चा व्यापक जनआंदोलन शुरू करने के लिए बाध्य होगा।
कार्यक्रम में एडवोकेट पिंटू शाही, बजरंगी पांडेय, एडवोकेट अमित सिंह, अवधेश कुमार मिश्रा, भीमसेन सिंह, मोहन मणि त्रिपाठी, रामप्रकाश शुक्ला, सूर्यनाथ मौर्य, हरी प्रसाद मौर्य, कामेश्वर सिंह, शिवेश सिंह, विजय शंकर दुबे, सोनू शुक्ला, इन्द्रधर पांडेय, राघवेंद्र प्रताप सिंह, चिंतामणि पाण्डेय, चंद्रभान निषाद, कृष्णमोहन पाठक, रघुनाथ उपाध्याय, ठाकुर राणा प्रताप सिंह सूर्यवंशी सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

No comments:
Post a Comment