वॉयस ऑफ बस्ती संवाददाता
गोरखपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सफल एवं जनकल्याणकारी 12 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में राजकीय कृषि विश्वविद्यालय, चरगांवा महानगर गोरखपुर में प्राकृतिक कृषि कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में किसानों को प्राकृतिक खेती, जैविक कृषि एवं मोटे अनाज (मिलेट्स) के महत्व की जानकारी दी गई।
कार्यशाला के मुख्य अतिथि गोरखपुर के महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव ने जैविक एवं प्राकृतिक खेती के लाभों पर प्रकाश डालते हुए किसानों से रसायन मुक्त खेती अपनाने का आह्वान किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता महानगर अध्यक्ष रमेश प्रताप गुप्ता ने की। उन्होंने प्राकृतिक खेती की विशेषताओं तथा इसके पर्यावरणीय एवं आर्थिक लाभों पर विस्तार से चर्चा की। संचालन महानगर उपाध्यक्ष शशिकांत सिंह ने किया।
उप कृषि निदेशक धनंजय सिंह ने कृषि विभाग की विभिन्न योजनाओं एवं किसानों को मिलने वाली सुविधाओं की जानकारी दी। ब्लॉक प्रमुख चरगांवा श्रीमती वंदना सिंह ने मुख्य अतिथि का स्वागत किया, जबकि आभार ज्ञापन महानगर मंत्री एवं प्रमुख प्रतिनिधि रणविजय सिंह मुन्ना ने किया।
कार्यशाला में प्राकृतिक खेती, कृषि लागत में कमी तथा किसानों की आय वृद्धि से जुड़े विषयों पर विस्तृत चर्चा हुई। प्रगतिशील किसान श्रीमती मंजू देवी एवं भगवान दास यादव ने अपने अनुभव साझा करते हुए प्राकृतिक खेती के सकारात्मक परिणामों की जानकारी दी।
इस अवसर पर खंड विकास अधिकारी दिवाकर सिंह, एडीवी एग्रीकल्चर अमित सिंह, एडीओ पंचायत सतीश चतुर्वेदी, किसान मोर्चा महानगर अध्यक्ष सुरेंद्र चौबे, लालजी गुप्ता, चंद्रभूषण मिश्रा, रामगति निषाद, रितेश सिंह बबलू, आनंद अग्रहरि, राज नारायण सिंह, सत्यजीत सिंह सहित बड़ी संख्या में किसान एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
कार्यशाला के अंत में किसानों को प्राकृतिक खेती की तकनीकी पुस्तिका एवं जीवामृत किट वितरित की गई। सभी किसानों ने प्राकृतिक खेती अपनाने का संकल्प लिया। आयोजकों ने कहा कि प्राकृतिक खेती किसानों की लागत घटाने, भूमि की उर्वरता बढ़ाने, मानव स्वास्थ्य की रक्षा करने तथा पर्यावरण संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

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