वॉयस ऑफ बस्ती संवाददाता
बस्ती। परसरामपुर थाना क्षेत्र की एक नाबालिग दुष्कर्म पीड़िता की मां ने न्याय पीठ बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) को शिकायत पत्र देकर आरोप लगाया है कि उसकी बेटी के मामले की विवेचना कर रहे पुलिस अधिकारी द्वारा उसे और उसकी बेटी को धमकाया जा रहा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए समिति के अध्यक्ष प्रेरक मिश्रा ने संबंधित थानाध्यक्ष एवं विवेचक को तलब कर एक सप्ताह के भीतर स्पष्टीकरण मांगा है।
शिकायत के अनुसार पीड़िता की मां ने अपनी नाबालिग बेटी के अपहरण और दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज कराया था। विवेचक द्वारा बालिका को बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत किया गया। समिति के निर्देश पर कराए गए मेडिकल परीक्षण में बालिका गर्भवती पाई गई।
समिति ने विवेचक को बालिका का अल्ट्रासाउंड कराकर रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया था, लेकिन आरोप है कि करीब डेढ़ माह बीत जाने के बाद भी अल्ट्रासाउंड नहीं कराया गया।
फॉलोअप के दौरान जब बालिका और उसकी मां समिति के समक्ष उपस्थित हुईं तो बालिका ने बताया कि वह गर्भ समापन कराना चाहती है, लेकिन विवेचक द्वारा ऐसा करने से मना किया जा रहा है। आरोप है कि विवेचक ने यह भी कहा कि यदि गर्भ में पल रहे बच्चे को कुछ हुआ तो उसे जेल भेज दिया जाएगा।
इस पर न्याय पीठ बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष प्रेरक मिश्रा तथा सदस्य अजय श्रीवास्तव, संतोष श्रीवास्तव और मंजू त्रिपाठी ने इसे बालिका के सर्वोच्च हित के प्रतिकूल मानते हुए संबंधित थानाध्यक्ष और विवेचक को तलब कर एक सप्ताह के भीतर स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है।
समिति के अध्यक्ष प्रेरक मिश्रा ने कहा कि यदि स्पष्टीकरण संतोषजनक नहीं पाया गया तो संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध विधिक कार्रवाई की जाएगी।

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