बस्ती। ‘खेत बचाओ अभियान’ के अंतर्गत कृषि विज्ञान केंद्र (केवीके) बस्ती में गुरुवार को प्राकृतिक खेती विषयक एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में कृषि वैज्ञानिकों, जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और बड़ी संख्या में किसानों ने भाग लेकर प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने का संकल्प लिया।
मुख्य अतिथि भाजपा किसान मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष कामेश्वर सिंह ने किसानों से रासायनिक उर्वरकों एवं कीटनाशकों के प्रयोग को कम कर प्राकृतिक खेती अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि कृषि विज्ञान केंद्र से तकनीकी मार्गदर्शन लेकर किसान कम लागत में अधिक लाभ प्राप्त कर सकते हैं। प्राकृतिक खेती पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ किसानों की आय बढ़ाने का भी प्रभावी माध्यम है।
कार्यक्रम में पूर्व सांसद एवं असम प्रभारी हरीश द्विवेदी, उत्तर प्रदेश गौ सेवा आयोग के उपाध्यक्ष महेश शुक्ला, पूर्व विधायक दयाराम चौधरी, भाजपा के क्षेत्रीय अध्यक्ष गोपेश्वर त्रिपाठी तथा भाजपा किसान मोर्चा बस्ती के अध्यक्ष दिलीप पाण्डेय सहित अन्य अतिथियों ने प्राकृतिक खेती को समय की आवश्यकता बताते हुए रसायनमुक्त खेती को बढ़ावा देने पर जोर दिया।
कृषि विज्ञान केंद्र बस्ती के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं अध्यक्ष डॉ. पी.के. मिश्रा के नेतृत्व में वैज्ञानिकों ने किसानों को प्राकृतिक खेती की उन्नत तकनीकों की जानकारी दी। इस दौरान जीवामृत, बीजामृत, घनजीवामृत, मल्चिंग, जैविक कीट एवं रोग प्रबंधन तथा मृदा स्वास्थ्य संरक्षण जैसे विषयों पर विस्तार से जानकारी दी गई।
डॉ. हरिओम मिश्र ने स्थानीय संसाधनों के अधिकतम उपयोग, जल संरक्षण और मृदा स्वास्थ्य सुधार को प्राकृतिक खेती की सफलता का आधार बताया। वहीं डॉ. अंजली वर्मा ने कहा कि सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण खाद्यान्न उत्पादन के लिए प्राकृतिक खेती सबसे प्रभावी विकल्प बनकर उभर रही है।
कार्यक्रम में संयुक्त निदेशक कृषि, उपनिदेशक कृषि, यूपी एग्रीज के मंडल परियोजना प्रबंधक डॉ. विनोद कुमार, वरिष्ठ उप प्रबंधक आशीष सिंह, शिवाजी कनौजिया सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे। मुख्य विकास अधिकारी सार्थक अग्रवाल ने भी कार्यशाला में सहभागिता की तथा अंत में धन्यवाद ज्ञापन किया। कार्यशाला में किसानों ने प्राकृतिक खेती से जुड़ी तकनीकी जानकारी प्राप्त करने के साथ अपने अनुभव भी साझा किए।

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