वॉयस ऑफ बस्ती संवाददाता
लखनऊ। भारतीय गन्ना अनुसंधान संस्थान द्वारा आयोजित नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति (कार्यालय-3) लखनऊ की वर्ष 2026 की प्रथम छमाही बैठक बुधवार को संस्थान के निदेशक एवं नराकास अध्यक्ष डॉ. एस.एन. सुशील की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई। बैठक में विभिन्न केंद्रीय सरकारी कार्यालयों द्वारा राजभाषा हिंदी के प्रयोग एवं प्रचार-प्रसार की समीक्षा की गई।
बैठक के दौरान मंडल रेल प्रबंधक कार्यालय, पूर्वोत्तर रेलवे, लखनऊ को अक्टूबर 2025 से मार्च 2026 की छमाही अवधि में सरकारी कार्यों में राजभाषा हिंदी के अधिकतम प्रयोग-प्रसार के लिए उत्कृष्ट प्रदर्शन करने पर द्वितीय पुरस्कार प्रदान किया गया। इसके साथ ही पत्रिका प्रकाशन श्रेणी में चतुर्थ पुरस्कार के रूप में शील्ड एवं प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। वहीं सर्वाधिक हिंदी कार्यशालाओं के आयोजन के लिए प्रथम पुरस्कार स्वरूप प्रमाण-पत्र भी प्रदान किया गया।
इस अवसर पर मंडल रेल प्रबंधक गौरव अग्रवाल ने पुरस्कार प्राप्त करने के बाद बैठक में उपस्थित केंद्रीय सरकार के 74 कार्यालयों के प्रमुखों एवं अधिकारियों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि मंडल रेल प्रबंधक कार्यालय, पूर्वोत्तर रेलवे, लखनऊ में सरकारी कामकाज नियमानुसार हिंदी अथवा द्विभाषी रूप में संपन्न कराया जा रहा है। यह उपलब्धि अधिकारियों एवं कर्मचारियों को लगातार प्रेरित करने तथा सतत निगरानी का परिणाम है।
उन्होंने बताया कि समीक्षा अवधि में मंडल राजभाषा कार्यान्वयन समिति की दोनों तिमाही बैठकें आयोजित की गईं। इसके अलावा पांच तकनीकी संगोष्ठियां, 31 हिंदी कार्यशालाएं तथा एक साहित्यिक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। लखनऊ मंडल कार्यालय एवं प्रमुख स्टेशनों पर साहित्यकारों की जयंती और तकनीकी कार्यक्रम भी नियमित रूप से आयोजित किए गए। साथ ही हिंदी पत्रिका ‘प्रगति’ और समाचार बुलेटिन ‘लखनऊ दर्पण’ का नियमित प्रकाशन कराया गया। उन्होंने भविष्य में भी राजभाषा हिंदी के प्रचार-प्रसार के प्रति अपनी प्रतिबद्धता बनाए रखने का संकल्प दोहराया।

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