गोरखपुर। केंद्रीय विद्यालय संख्या-2, उनौला में 45 यूपी बटालियन एनसीसी द्वारा आयोजित वार्षिक प्रशिक्षण शिविर-155 के अंतर्गत शुक्रवार को एनडीआरएफ टीम ने कैडेट्स को प्राकृतिक आपदाओं से बचाव एवं राहत कार्यों का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया। इस दौरान कैडेट्स को आपदा प्रबंधन, राहत एवं बचाव कार्यों तथा आपातकालीन परिस्थितियों में अपनाई जाने वाली सावधानियों की विस्तृत जानकारी प्रदान की गई।
कार्यक्रम में एनडीआरएफ के इंस्पेक्टर दीपक मंडल एवं उनकी टीम के पांच एनसीओ ने कैडेट्स को आपदा प्रबंधन की विभिन्न बारीकियों से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) का गठन आपदा प्रबंधन अधिनियम-2005 के तहत देश में आने वाली प्राकृतिक एवं मानवजनित आपदाओं से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए किया गया है।
इंस्पेक्टर दीपक मंडल ने कहा कि एनडीआरएफ बाढ़, भूकंप, चक्रवात, सुनामी, भूस्खलन, अग्निकांड, भवन ध्वस्त होने तथा रासायनिक दुर्घटनाओं जैसी आपदाओं के दौरान राहत एवं बचाव कार्यों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने बताया कि एनडीआरएफ के जवान अत्याधुनिक उपकरणों और विशेष प्रशिक्षण से सुसज्जित होते हैं तथा संकट के समय प्रभावित लोगों को सुरक्षित निकालकर राहत पहुंचाने का कार्य करते हैं।
शिविर के कैंप कमांडेंट कर्नल जयवीर सिंह ने कहा कि आपदा के समय राहत एवं बचाव कार्यों में एनडीआरएफ की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम कैडेट्स को आपात परिस्थितियों में जिम्मेदारी निभाने के लिए तैयार करते हैं और उनमें सेवा भाव विकसित करते हैं।
इस अवसर पर सेवायोजन विभाग की टीम ने भी कैडेट्स को कैरियर काउंसलिंग संबंधी जानकारी दी। सेवायोजन विभाग के अविनाश कुमार सिंह ने विभिन्न रोजगार एवं कैरियर अवसरों पर प्रकाश डाला, जबकि मॉडल कैरियर सेंटर के शाहनवाज अहमद ने विभागीय योजनाओं एवं युवाओं के लिए उपलब्ध संभावनाओं की जानकारी साझा की।
कार्यक्रम का संचालन शिविर के डिप्टी कैंप कमांडेंट लेफ्टिनेंट कर्नल अमित कुमार सिंह के निर्देशन में हुआ। इस दौरान कैप्टन वाहिद अली, सेकंड ऑफिसर अनिल कुमार, कुंवर शैलेन्द्र प्रताप सिंह, सूबेदार अरविंद कुमार, विश्वनाथ पुरी, कैंप क्वार्टर मास्टर दयानंद, संजय प्रजापति, मनोरंजन त्रिपाठी, मनोज कुमार सहित बड़ी संख्या में सैन्य अधिकारी, एनसीसी स्टाफ एवं कैडेट्स उपस्थित रहे।

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