वॉयस ऑफ बस्ती संवाददाता
लखनऊ। सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियों इंडियनऑयल, बीपीसीएल और एचपीसीएल ने उत्तर प्रदेश के उपभोक्ताओं को आश्वस्त किया है कि राज्य में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की कोई कमी नहीं है। कंपनियों ने स्पष्ट किया है कि कुछ चुनिंदा पेट्रोल पंपों पर दिखाई दे रही आपूर्ति संबंधी स्थिति पूरी तरह स्थानीय और अस्थायी है, जो कुछ क्षेत्रों में मांग और आपूर्ति के असंतुलन तथा बिक्री के बदलते पैटर्न के कारण उत्पन्न हुई है।
तेल कंपनियों के अनुसार वर्तमान में फसलों की कटाई के मौसम के चलते डीजल की मांग में मौसमी वृद्धि हुई है। वहीं, कुछ निजी पेट्रोल पंपों पर अपेक्षाकृत अधिक कीमतों के कारण उपभोक्ता अस्थायी रूप से सार्वजनिक क्षेत्र के पेट्रोल पंपों की ओर रुख कर रहे हैं। इसके अलावा अंतरराष्ट्रीय बाजार के अनुरूप थोक एवं संस्थागत आपूर्ति की दरों में वृद्धि होने से बड़े वाणिज्यिक खरीदार भी सार्वजनिक क्षेत्र के पेट्रोल पंपों से अधिक खरीदारी कर रहे हैं।
कंपनियों ने बताया कि 1 से 7 जून 2026 के दौरान पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में पेट्रोल की बिक्री में 23 प्रतिशत तथा डीजल की बिक्री में लगभग 22 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। मांग में इस अप्रत्याशित बढ़ोतरी के बावजूद उपभोक्ताओं की आवश्यकताओं की पूर्ति लगातार और सुचारू रूप से की जा रही है।
तेल कंपनियों ने स्पष्ट किया कि आपूर्ति में देरी के मामले प्रदेश के 12,331 पेट्रोल पंपों के विशाल नेटवर्क में से केवल कुछ ही पंपों तक सीमित हैं। अधिकांश पेट्रोल पंपों पर ईंधन का स्टॉक और आपूर्ति पूरी तरह सामान्य एवं पर्याप्त बनी हुई है। सभी तेल विपणन कंपनियां प्रदेश में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी का पर्याप्त भंडार बनाए हुए हैं तथा स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
कंपनियों ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें और घबराहट में अनावश्यक ईंधन खरीदारी से बचें। साथ ही ईंधन की उपलब्धता से संबंधित जानकारी के लिए केवल अधिकृत एजेंसियों और तेल विपणन कंपनियों द्वारा जारी आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें।

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