वॉयस ऑफ बस्ती संवाददाता
बस्ती। महान स्वतंत्रता सेनानी भगवान बिरसा मुंडा की पुण्यतिथि पर आर्य समाज, नई बाजार, बस्ती में विशेष यज्ञ एवं श्रद्धांजलि कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यज्ञ की पूर्णाहुति के बाद उपस्थित लोगों ने भगवान बिरसा मुंडा के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी तथा जल, जंगल और जमीन के संरक्षण का संकल्प लिया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए आर्य समाज के प्रधान ओम प्रकाश आर्य ने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा ने अपने जीवन में अन्याय, अत्याचार और शोषण के विरुद्ध संघर्ष करते हुए जल, जंगल और जमीन की रक्षा के लिए ऐतिहासिक ‘उलगुलान’ का आह्वान किया था। उनका जीवन आज भी समाज को प्रकृति संरक्षण, सामाजिक जागरूकता और आत्मसम्मान का संदेश देता है।
उन्होंने कहा कि समाज में फैले अंधविश्वास और पाखंड से लोगों को सावधान रहने की आवश्यकता है। प्रकृति के नियम शाश्वत और अपरिवर्तनशील हैं। जिन प्राकृतिक घटनाओं को लोग समझ नहीं पाते, उन्हें अक्सर चमत्कार मान लेते हैं, जबकि उनके पीछे वैज्ञानिक कारण होते हैं। रेडियो, टेलीविजन, इंटरनेट, कंप्यूटर और विमान जैसी उपलब्धियां विज्ञान की देन हैं, किसी चमत्कार की नहीं।
ओम प्रकाश आर्य ने कहा कि ईश्वर द्वारा निर्मित प्राकृतिक नियम अटल हैं। यदि ये नियम बदलने लगें तो सृष्टि की पूरी व्यवस्था प्रभावित हो जाएगी। इसलिए तथाकथित चमत्कारों के नाम पर लोगों को भ्रमित करने वालों से सतर्क रहना चाहिए।
अंधविश्वास के खिलाफ वैज्ञानिक दृष्टिकोण प्रस्तुत करते हुए उन्होंने कैल्शियम कार्बाइड और पानी की रासायनिक क्रिया का प्रदर्शन किया। उन्होंने बताया कि पानी से दीपक जलने जैसी घटनाओं के पीछे कोई दैवीय शक्ति नहीं होती, बल्कि रासायनिक प्रतिक्रिया के कारण उत्पन्न एसिटिलीन गैस जलती है। कुछ ढोंगी इसी प्रकार के प्रयोगों को चमत्कार बताकर लोगों को गुमराह करते हैं।
कार्यक्रम के अंत में लोगों से वैज्ञानिक सोच अपनाने, अंधविश्वास से दूर रहने तथा भगवान बिरसा मुंडा के आदर्शों पर चलते हुए पर्यावरण, जल स्रोतों, जंगलों और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया गया।

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