गोरखपुर। व्यापारियों एवं राज्य कर विभाग के बीच बेहतर समन्वय, विश्वास और संवाद स्थापित करने के उद्देश्य से राज्य कर विभाग, खंड-3 गोरखपुर द्वारा सोमवार को राजेंद्र नगर स्थित रेगालिया बैंक्वेट एंड रिजॉर्ट में "व्यापारी संवाद कार्यक्रम" का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में व्यापारियों को जीएसटी के नवीन प्रावधानों, डिजिटल सुरक्षा एवं कराधान व्यवस्था से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां दी गईं।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि दवा विक्रेता समिति गोरखपुर के अध्यक्ष एवं संयुक्त व्यापार मंडल के वरिष्ठ सह-संयोजक योगेन्द्र नाथ दूबे रहे। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि व्यापारी देश और प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं तथा जीएसटी लागू होने के बाद व्यापारिक प्रणाली में पारदर्शिता बढ़ी है। हालांकि अभी भी कई व्यावहारिक समस्याएं हैं, जिनका समाधान विभाग और व्यापारियों के बीच सतत संवाद से ही संभव है।
उन्होंने कहा कि राज्य कर विभाग द्वारा आयोजित ऐसे संवाद कार्यक्रम विश्वास निर्माण की दिशा में सराहनीय पहल हैं। सरकार और विभाग को जीएसटी प्रक्रियाओं को और अधिक सरल, सहज एवं व्यापारी हितैषी बनाने के लिए निरंतर प्रयास करने चाहिए, जिससे छोटे एवं मध्यम व्यापारियों को अनावश्यक कठिनाइयों का सामना न करना पड़े।
कार्यक्रम में राज्य कर विभाग की ओर से उपायुक्त राज्य कर खंड-3 गोरखपुर कुलदीप रत्न सिंह एवं अन्य अधिकारियों ने जीएसटी 2.0, ई-इनवॉइसिंग, डिजिटल सुरक्षा तथा व्यापारी दुर्घटना बीमा योजना की जानकारी देते हुए विभाग द्वारा किए जा रहे सुधारात्मक प्रयासों से व्यापारियों को अवगत कराया।
इस दौरान अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के संगठन मंत्री राजीव पांडेय, उपाध्यक्ष आशीष शर्मा, वरिष्ठ उद्यमी आर.एस. जायसवाल, संजय सिंह एवं अखिलेश सिंह सहित बड़ी संख्या में व्यापारी एवं उद्यमी उपस्थित रहे।
संवाद कार्यक्रम में व्यापारियों ने अपनी समस्याओं एवं सुझावों को विभाग के समक्ष रखा। अधिकारियों ने सभी सुझावों पर गंभीरता से विचार कर उनके निराकरण का आश्वासन दिया। कार्यक्रम सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ और प्रतिभागियों ने इसे विभाग एवं व्यापारियों के बीच सहयोग तथा विश्वास को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया।

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