वॉयस ऑफ बस्ती संवाददाता
गोरखपुर। जल संरक्षण एवं पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए पूर्वोत्तर रेलवे द्वारा लगातार प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं। इसी क्रम में रेलवे ने अपने विभिन्न केंद्रों पर वाटर रिसाइक्लिंग प्लांट स्थापित कर जल बचत की दिशा में उल्लेखनीय पहल की है।
पूर्वोत्तर रेलवे के कुल 9 केंद्रों पर 1690 किलोलीटर प्रतिदिन क्षमता के वाटर रिसाइक्लिंग प्लांट लगाए गए हैं। इनमें छपरा कोचिंग डिपो में 250 केएलडी, लखनऊ कोचिंग डिपो में 500 केएलडी, लखनऊ जंक्शन स्टेशन पर 250 केएलडी, न्यू कोचिंग डिपो गोरखपुर में 50 केएलडी, ओल्ड कोचिंग डिपो गोरखपुर में 50 केएलडी, कासगंज कोचिंग डिपो में 500 केएलडी, रामनगर कोचिंग डिपो में 50 केएलडी, टनकपुर कोचिंग डिपो में 20 केएलडी तथा लालकुआं कोचिंग डिपो में 20 केएलडी क्षमता के प्लांट स्थापित किए गए हैं।
इन वाटर रिसाइक्लिंग प्लांटों के माध्यम से कोचों की धुलाई के बाद निकलने वाले अपशिष्ट जल को जैविक एवं रासायनिक प्रक्रियाओं से शुद्ध कर पुनः उपयोग योग्य बनाया जाता है। इससे पानी की बड़ी मात्रा में बचत हो रही है तथा पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिल रहा है।
पूर्वोत्तर रेलवे ने बताया कि इस तकनीक की उपयोगिता को देखते हुए इसका विस्तार लगातार किया जा रहा है। इसी क्रम में काठगोदाम कोचिंग डिपो तथा गोरखपुर जंक्शन स्टेशन पर भी नए वाटर रिसाइक्लिंग प्लांट स्थापित करने का कार्य प्रगति पर है।
रेल प्रशासन का मानना है कि जल संरक्षण के क्षेत्र में यह पहल प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के साथ-साथ पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

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