बस्ती। उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (यूपीएसआरएलएम) ग्रामीण महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण का मजबूत माध्यम बनकर उभरा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में संचालित इस मिशन के तहत स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी हजारों महिलाओं को वित्तीय सहायता उपलब्ध कराकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है। मिशन के माध्यम से महिलाएं स्वरोजगार अपनाकर न केवल अपनी आय बढ़ा रही हैं, बल्कि परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत करने में भी अहम भूमिका निभा रही हैं।
जनपद बस्ती में मिशन का प्रभाव लगातार बढ़ रहा है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में कैश क्रेडिट लिमिट (सीसीएल) योजना के तहत 5,930 स्वयं सहायता समूहों के 65,230 लाभार्थियों को बैंकिंग सहायता उपलब्ध कराई गई है। वहीं कम्युनिटी इन्वेस्टमेंट फंड (सीआईएफ) के अंतर्गत 984 समूहों के 10,824 तथा रिवॉल्विंग फंड (आरएफ) के तहत 448 समूहों के 4,928 लाभार्थियों को आर्थिक सहयोग प्रदान किया गया है।
इससे पहले वर्ष 2024-25 में सीसीएल योजना के तहत 6,596 समूहों के 72,556, सीआईएफ के माध्यम से 1,406 समूहों के 15,466 तथा आरएफ के जरिए 713 समूहों के 7,843 लाभार्थियों को वित्तीय सहायता दी गई थी।
मिशन के अंतर्गत महिलाओं को सिलाई-कढ़ाई, डेयरी, पशुपालन, कृषि आधारित उद्यम, खाद्य प्रसंस्करण सहित विभिन्न आजीविका गतिविधियों से जोड़कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है। बैंकिंग सुविधाओं और आसान ऋण उपलब्ध होने से महिलाएं छोटे-छोटे व्यवसाय स्थापित कर आर्थिक रूप से सशक्त बन रही हैं।
उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन ने बस्ती की ग्रामीण महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव की नई कहानी लिखी है। स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से महिलाओं में आत्मविश्वास बढ़ा है, निर्णय लेने की क्षमता विकसित हुई है और वे परिवार के साथ-साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती देने में महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं। मिशन की यह पहल प्रदेश सरकार के महिला सशक्तिकरण और गरीबी उन्मूलन के संकल्प को धरातल पर साकार करती दिखाई दे रही है।
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